अक्तूबर १३, २०१८
विकास कार्योंके लिए प्रकृतिसे छेडछाड न किए जानेकी अपनी मांगके अतिरिक्त दिवंगत स्वामी सानन्दकी गंगा रक्षाके लिए विशेष विधान (कानून) बनानेकी मांग लेकर अनशनरत गोपालदासको पुलिस प्रशासनने शुक्रवार रातको मातृसदनमें बलपूर्वक उठाकर ‘एम्स’ चिकित्सालयमें प्रविष्ट (भर्ती) करा दिया ! गोपालदास ११२ दिवसोंसे प्रकृतिकी रक्षाको लेकर अनशन कर रहे हैं । शुक्रवारको उन्होंने मातृसदनमें अपना अनशन आरम्भ किया था । ‘एम्स’में भर्ती करानेके पश्चात भी उन्होंने अनशन जारी रखा है । ‘गंगा एक्ट’ पारित करनेकी मांगको लेकर अपनी प्राणोंकी आहुति देने वाले वामी सानन्दके निधनके पश्चात अनशनपर बैठे गोपालदासको पुलिस प्रशासनने शुक्रवार रात्रि १:४५ बजे बलपूर्वक उठा लिया ! इससे पूर्व रात्रि ११ बजे गोपालदासकी चिकित्सिय जांच की गई । इसके पश्चात रात्रिमें ही पहुंचे तहसीलदार और थानाध्यक्ष ओमकांत भूषणके दलने उन्हें उठाया और रुग्ण वाहिनीके द्वारा (एम्बुलेंसकेद्वारा) ऋषिकेश स्थित एम्स चिकित्सालय जे जाया गया ।
बता दें कि गुरुवारको ही गोपालदास जल पुरुष राजेन्द्र सिंहके कहनेपर मातृसदन पहुंचे थे और यहां गोपालदासने दिवंगत सानन्दकी मृत्युके पश्चात उनकी मांगोंको भी अपनी मांगोंमें सम्मिलित कर अनशन आरम्भ किया था । थानाध्यक्ष ओमकान्त भूषणने बताया कि अनशनरत गोपालदासको ‘एम्स’में भर्ती कराया गया है । जब स्थिति बिगडनेपर गोपालदासको प्रशासनने बलपूर्वक ‘एम्स’में भर्ती कराया तो चिकत्सिकोंने बताया कि लम्बे अनशनके कारण उनके एक वृकको (गुर्देको) काफी हानि पहुंची है ।
“प्रशासनको यदि सन्तोंकी इतनी चिन्ता है तो गंगा हेतु कार्य क्यों नहीं करते ! क्या गंगा मैयाने अब किसी नेताको बुलाना बन्द कर दिया है अथवा मांका बुलावा केवल मतदान हेतु था !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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