मूषिकवाहन् मोदकहस्त चामरकर्ण विलम्बित सूत्र ।
वामनरूप महेश्वरपुत्र विघ्नविनायक पाद नमस्ते ।।
अर्थ : हे प्रभु, मूषक जिनका वाहन है, जिनके हस्तमें मोदक है ,चामर समान जिनके कर्ण हैं, जिन्होंने जेनऊ धारण कर रखा है, जिनका कद वामन रूप है और जो विघ्नहर्ता हैं ऐसे श्री विनायक, शिवपुत्र को, मेरा नमन है !
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