घरका वैद्य – सम्मोहन चिकित्सा (हिप्नोटिस्म) (भाग-३)


कई रोगोंमें प्रभावी है सम्मोहन चिकित्सा

‘हिप्नोटिज्म’से ही ‘हिप्नोथेरेपी’ या सम्मोहन चिकित्सा शब्द निकला है । विभिन्न रोगोंके उपचारमें सम्मोहन चिकित्साको प्रभावी पाया गया है । मानसिक विकारोंको दूर करने और पारिवारिक विवादोंको हल करनेमें भी सम्मोहन चिकित्साकी उल्लेखनीय भूमिका पाई गई है । सम्मोहन चिकित्साके माध्यमसे प्रसव पीडाको भी न्यून किया जा सकता है और शल्यक्रियाके मध्य होनेवाले तनावको भी न्यून किया जा सकता है; इसलिए सम्मोहनका उपयोग कई मानसिक रोगोंको दूर करनेमें तथा प्रसव-प्रक्रियामें किया जाता है ।

सम्मोहन चिकित्सा मस्तिष्क और शरीरपर एक साथ कार्य करनेके सिद्धान्तपर कार्य करती है । इसलिए जब कोई चिकित्सक किसी व्यक्तिको सम्मोहक अवस्थामें सूचना भेजता है तो उसके अवचेतन मनमें मानसिक और शारीरिक रूपसे स्वयंको ठीक करनेकी प्रक्रिया आरम्भ हो जाती है । विशेष बात यह है कि इस प्रकारकी चिकित्सासे किसी व्यक्तिका स्वयंपर नियन्त्रण बढ जाता है, वह अन्तर्मुखी हो जाता है । वह अपनी समस्याओंके लिए दूसरोंको उत्तरदायी नहीं मानता, जबकि पहले वह यही करता था । चिन्ता, अवसादमें डूबे, व्यसनवाले और भयसे ग्रस्त लोगोंको सम्मोहन चिकित्सा बहुत लाभ देती है ।

तिहाड कारागारमें दण्ड भोग रहे बन्दियोंके जीवनमें सकारात्मक परिवर्तन लानेके लिए उन्हें सम्मोहन चिकित्सा दी जाती है ।

सचेत मस्तिष्क हमारी पूरी मानसिक क्षमताका १० प्रतिशत ही होता है; इसलिए हमारे अधिकतर व्यवहारोंको अवचेतन मन नियन्त्रित करता है, जो कि स्वचालित है । इसे जाग्रत करने और योग्य दिशा देकर व्यक्ति अपने लक्ष्योंको पा सकता है ।

सम्मोहन और पूर्वजन्मकी स्मृतियां

सम्मोहन चिकित्सा पद्धतिमें असाध्य रोगोंके उपचारके लिए पूर्वजन्मकी स्मृतियोंका भी अवलम्बन लिया जाता है । न्यूजीलैंडके एक सम्मोहन चिकित्सक रिचर्ड वेब्स्टर सम्मोहन चिकित्सा और पूर्वजन्मकी स्मृतियोंमें जानेसे सम्बन्धित कई कार्यशालाएं देश-विदेशमें कर चुके हैं ।

उनकी एक पुस्तकमें ‘जेनेट’ नामकी एक १८ वर्षीय युवतीका उल्लेख है, जो अनजाने लोगोंको देखकर अपने हृदयमें तीव्र वेदना अनुभव करती थी । इससे वह किसी अनजाने व्यक्तिसे बात नहीं कर पाती थी । जब उसकी सम्मोहन चिकित्साकी गई और उसे उसके पूर्व जन्ममें ले जाया गया तो पता चला कि पूर्व जन्ममें वह एक निर्धन परिवारकी बच्ची थी । रातके समय तीन अनजाने व्यक्ति उसके घर आते हैं और भोजनकी मांग करते हैं । परिवारके पास भोजनके रूपमें कुछ नहीं है । इसपर वे लोग बकरीको मारकर पकानेका आदेश देते हैं । जब बच्चीका पिता विरोध करता है तो उसे छातीमें गोली मार दी जाती है । बच्चीके पिताकी मृत्यु हो जाती है । सम्मोहन चिकित्सासे तो उसकी मानसिक स्थितिमें परिवर्तन आया और थोडे ही समय पश्चात वह ठीक हो गई ।



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