घरका वैद्य – चना (भाग-९)


भुने हुए चनेके लाभ : चनोंको पानीमें भिगोकर, रातभर रखकर छोड दें ! प्रातःकाल उस पानीको छानकर आधा कटोरीभर पी लेनेसे शारीरिक बल बढता है । भुने हुए चने तथा छीली हुई बादामकी गिरी, दोनोंको एक जैसी मात्रामें मिलाकर खानेसे शारीरिक बलकी वृद्धि होती है तथा वीर्य पुष्ट होता है; क्योंकि आयुर्वेदके अनुसार चनेमें बल्यका गुण पाया जाता है, जिससे चनेके सेवनसे आन्तरिक निर्बलता दूर होती है, साथ ही शुक्राणुओंकी सङ्ख्याको बढानेमें भी सहायता मिलती है । इससे प्रजजन शक्ति बढ जाती है; क्योंकि चनेमें ‘अफोर्डीसी’का एक गुण पाया जाता है जो कि आन्तरिक दुर्बलताको दूरकर ‘फर्टिलिटी’को बढानेमें सहायता करता है ।

मूत्र सम्बन्धित रोगोंमें लाभ : मूत्रके रोगोंकी चिकित्सामें चनेका सेवन अति लाभदायक है; क्योंकि शोधके अनुसार चनेमें मूत्रल अर्थात ‘ड्यूरेटिक’का गुण होता है जो कि मूत्रके उत्सर्जनको बढाकर उससे सम्बन्धित रोगोंको दूर करनेमें सहायक होता है ।

त्वचाके लिए चनेका सेवन : त्वचा सम्बन्धी समस्याओंमें चनेका उपयोग उत्तम होता है; क्योंकि अध्ययनके अनुसार, चनेमें ‘एन्टीबैट्रिअल’ और ‘एंटीवायरल’ गुण पाए जाते हैं, जो कि त्वचामें होनेवाले सङ्क्रमणको रोकनेमें सहायक होते हैं ।

बाल झडनेकी समस्यामें : ‘प्रोटीन’की कमीसे बाल पतले होकर झडने लगते हैं । चनेको ‘जिंक’, ‘प्रोटीन’ और ‘आयरन’से समृद्ध माना गया है, इसलिए यह बाल झडनेकी समस्यासे छुटकारा दिला सकता है । चना ‘विटामिन-ए’, ‘बी’, और ‘ई’से भी परिपूर्ण होता है, जो मस्तिष्क और बालोंको स्वस्थ रखनेका कार्य करते हैं ।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution