घरका वैद्य – जलतत्त्वद्वारा प्राकृतिक चिकित्सा (भाग-६)
(गतांकसे आगे…)
इस जलको पीनेसे निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं –
१. शीघ्र घावको भरना सम्भव : इसमें ज्वर प्रतिरोधी (एंटी वायरल), विषाणु प्रतिरोधी (एंटी बैक्टीरियल) और सङ्क्रमण प्रतिरोधी (एंटी इन्फ्लेमेन्ट्री) गुण पाए जाते हैं । इस कारण इसके प्रयोगसे घाव शीघ्र भर जाते हैं । यह प्रतिरक्षा प्रणालीको (इम्यून सिस्टमको) भी सुदृढ बनानेका कार्य करता है । यह पेटके भीतरके घावोंको भरनेमें भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।
२. रक्तमें रुधीरकणोंके अभावको (एनीमियाको) करे दूर : शरीरकी अधिकतर प्रक्रियाओंमें ताम्बेकी आवश्यकता पडती है । यह लोहेके अवशोषणमें भी मुख्य भूमिका निभाता है । यही कारण है कि यह ‘रक्ताल्पता’को भी दूर करनेमें मुख्य भूमिका निभाता है । यह शरीर और वाहिकाओंमें (वेसेल्समें) लोहेके स्तरको सामान्य रखता है ।
३. त्वचाके स्वास्थ्यको रखे उत्तम : ताम्बा ‘मेलेनिन’के उत्पादनमें मुख्य भूमिका निभाता है । यह त्वचाको सूर्यके प्रकाशसे होनेवाली हानिसे बचाता है । इसके कारण त्वचाकी अन्य समस्याएं भी दूर होती हैं, जिससे त्वचा कान्तियुक्त और नीरोग दिखती है ।
४. पाचन तन्त्रको करता है सुदृढ : ताम्बा पेटमें उपस्थित कई हानिकारक जीवाणुओंको (बैक्टीरियाको) नष्ट करता है, इससे अल्सर, अपच और सङ्क्रमणके कष्ट दूर होते हैं । यह पेटसे विषैले तत्त्वको निकाल देता है, इससे यकृत (लिवर) और वृक्क (किडनी) योग्य प्रकारसे कार्य करते हैं और शरीरसे व्यर्थ पदार्थोंको अच्छे-से बाहर निकालता है । इससे शरीर पोषक तत्त्वोंको भी यथोचित रीतिसे अवशोषित कर पाता है ।
५. भार (वजन) घटानेमें सहायक : यदि रेशायुक्त (फाइबरयुक्त) पदार्थ खानेके पश्चात भी भार न्यून नहीं हो रहा है, तो ऐसेमें ताम्रजलके प्रयोगसे लाभ मिलता है; क्योंकि इस जलसे पाचन तन्त्र सुदृढ होता है और वसा (फैट) सरलतासे टूटती है । शरीर मात्र उन्हीं पदार्थोंको अवशोषित करता है, जिनकी आवश्यकता होती है, शेष अनावश्यक पदार्थोंको शरीर बाहर निकाल देता है, इससे भार अपने आप घट जाता है ।
६. हृदय रोग व उच्च रक्तचापको रखे दूर : ताम्रजल हृदय रोगोंपर नियन्त्रण करनेमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है । ‘अमेरिकन कैंसर सोसाइटी’के एक शोधके अनुसार ताम्बा उच्च रक्तचाप, ह्रदयके तीव्र स्पन्दन (तेज धडकन), ‘कोलेस्ट्रॉल’ और ‘ट्राइग्लिसराइड’के स्तरको न्यून करनेमें सहायक है । यह अवरोधको दूर करता है, इससे हृदयतक रक्त सरलतासे पहुंचता है और रक्त संचरण सुधरता है ।
७. अवटुग्रन्थि हेतु लाभदायक : आधुनिक वैज्ञानिकोंने ये भी पाया है कि ताम्बा एक मुख्य खनिज पदार्थ है, जो अवटुग्रन्थिको (थायरोइड ग्लैंडको) सुचारू रूपसे कार्य करनेमें सहायता करता है ।
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