घरका वैद्य – जायफल (भाग-४)


अर्शरोग (बवासीर) :
★ १० जायफलको देशी घीमें इतना सेके कि वह सूख जाए । इसे पीस-छानकर इसमें दो कप गेहूंका आटा मिलाकर, घीमें पुनः सेकें और शर्करा मिलाकर रखें ! इसे १ चम्मच प्रतिदिन प्रातःकाल खाली पेट खाएं ! इससे अर्श अर्थात बवासीरसे छुटकारा मिल जाता है ।
★ जायफलके बीजोंकी गिरी २५ ग्राम तथा सौंफ २५ ग्राम कूट छानकर उसमें ५० ग्राम  खाण्ड मिला लें ! इस मिश्रणको ३/३ ग्रामकी मात्रामें प्रतिदिन सवेरे-संध्याके समय जलके साथ लेनेसे बादी तथा रक्त अर्शमें लाभ होता है ।
★ चोट : जायफलके गाढे तैलसे मर्दन (मालिश) करनेसे चोट और मोचकी पीडामें लाभ मिलता है ।
 ★ मुखकी झांईयां : जायफलको पीसकर कच्चे दूधमें मिलाकर, इसमें १० कालीमिर्च मिलाकर मुखपर लेप कर लें ! लगभग २ घण्टेके पश्चात मुख धोनेसे कुछ ही दिनोंमें मुंहासे समाप्त हो जाते हैं ।
★ जायफलको अत्यन्त सूक्ष्म पीसकर छान लें !  तत्पश्चात इसे गायके कच्चे दूधमें मिलाकर गाढा मिश्रण बनाकर दिनमें कमसे कम चार बार मुखपर लगानेसे मुखके ‘दाग’ दूर हो जाते हैं ।
★ जायफल या मसूरकी दालको पीसकर दूधमें मिलाकर मुखपर लगानेसे मुखपर कान्ति आ जाती है ।
★ जायफलको जलके साथ पीसकर मुखपर लगानेसे मुखकी झांईयां दूर हो जाती हैं ।
★ गठियाकी पीडा होनेपर जायफलके तैलकी ‘मालिश’ करनेसे लाभ मिलता है ।
★ जायफलकी बनी गोलियोंको लौंगके साथ क्वाथ (काढा) बनाकर सेवन करनेसे गठियाकी पीडा दूर होती है ।
★ बहुमूत्र रोग : जायफल और श्वेत मूसलीके चूर्णको समान मात्रामें लेकर जलके साथ खानेसे बहुमूत्र रोग (बार-बार मूत्र आना) ठीक हो जाता है ।
★ योनिभ्रंश (योनिका चिर जाना) : जायफलको अच्छी प्रकार पीसकर जलमें डालकर क्वाथ (काढा) बनाकर छानकर उतार लें, जब यह ठण्डा हो जाए तो इसमें रूईको भिगोकर योनिमें रखनेसे योनिभ्रंशमें लाभ मिलता है ।
★ शारीरिक सुन्दरता : चन्दनके चूर्णमें (पाउडरमें) जायफलको पीसकर मिला लें, अब इसमें दूध मिलाकर रातको सोते समय मुखपर लेप करें ! दूसरे दिन सवेरे मुख धो लें ! इससे मुखके ‘धब्बे’ और काले ‘दाग’ समाप्त हो जाते हैं ।
हानियां : अधिक मात्रामें जायफलके उपयोग करनेसे मादक (नशीला) प्रभाव उत्पन्न होता है । इसके अतिरिक्त प्रलाप, चक्कर आना, मूढता (बांझपन), वीर्यका पतला होकर नपुंसकता आना, यकृत और फेफडोंपर दुष्प्रभाव होना, सिरमें पीडा और मूर्च्छा भी उत्पन्न हो सकती है । उष्ण प्रकृतिके लोगोंको इसका सेवन नहीं करना चाहिए ।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution