घरका वैद्य – प्राणायाम चिकित्सा – कपालभाती प्राणायामद्वारा चिकित्सा (भाग-२)
* कपालभाति प्राणायाम दिनमें प्रातः, सूर्योदयसे पूर्व करनेपर अधिक लाभ होता है । इस प्राणायाम अभ्यासको आरम्भ करनेवाले व्यक्तिको दोसे तीन मिनटमें थकानका आभास हो सकता है; परन्तु एक या दो सप्ताहके अभ्यासके पश्चात कोई भी सामान्य व्यक्ति सतत पांच मिनटसे अधिक समयतक कपालभाति प्राणायाम करनेके लिए सक्षम हो जाता है ।
* कपालभाति प्राणायाम सदैव शुद्ध वातावरणमें ही करना चाहिए । पद्मासनमें बैठकर इसको करनेपर अधिक लाभ होता है ।
* कपालभाति प्राणायाम करनेके लिए किसी अच्छे, शान्त और स्वच्छ स्थानका चयन करके, वहांपर आसन बिछाकर पद्मासन या सुखासनमें बैठ जाएं ।
* कपालभाति प्राणायामको प्रारम्भ करनेके लिए श्वास सामान्य गतिसे शरीरके भीतरकी ओर लेना होता है और तीव्र गतिसे बाहर निकालना होता है । यह पूरी प्रक्रिया एक लयमें होनी चाहिए ।
* प्रत्येक सेकेण्डमें एक बार पूरे श्वासको द्रुत गतिके साथ नाकसे बाहर छोडें, इससे पेडू (पेट) भीतर चला जाएगा । कपालभातिमें प्रत्येक सेकेण्डमें एक बार श्वासको द्रुत गतिसे बाहर छोडनेके लिए ही प्रयास करना होता है । श्वासको छोडनेके उपरान्त, शवासको बाहर न रोककर, बिना प्रयास किए सामान्य रूपसे श्वासको भीतर आने दें ! प्रत्येक सेकेण्डमें श्वासको द्रुत गतिसे बाहर छोडते रहें । इस प्रकार एक मिनटमें ६० बार और कुल पांच मिनिटमें तीन सौ बार आप वायु (श्वास) बाहर फेंकनेकी क्रिया करें ! (थकान होनेपर थोडा रुककर विश्राम अवश्य लेते रहें) ।
* प्रारम्भमें यदि एक मिनटमें साठ बार श्वास बाहर फेंकनेमें थकान हो, तो एक मिनटमें तीस-चालीस बार श्वास बाहर निकालें और अभ्यास बढानेके साथ-साथ गतिको प्रति मिनट साठ श्वासतक ले जाएं ।
* कपालभाति प्राणायामका अभ्यास लम्बे समयतक योग्य रीतिसे करनेपर, इसकी अवधि पांच मिनटसे पन्द्रह मिनटतक बढाई जा सकती है अर्थात पांच-पांच मिनटके तीन चरण ।
* ‘एड्स’, ‘कैंसर’ (कर्क रोग), प्रत्यूर्जता (एलर्जी), यक्ष्मा (टी.बी.), यकृतमें सूजन (हेपीटाइटस) और दूसरे ऐसे जटिल रोगोंके रोगीको कपालभाति प्राणायाम दिनमें तीस मिनटतक करना चाहिए । यदि रोगी एक ही बारमें ही ऐसा नहीं कर सकते हैं तो प्रातः और सन्ध्याके दो सत्रोंमें भी कर सकते हैं; मात्र यह देखना चाहिए कि रोगीका दिनभर सूर्य स्वर तो नहीं चल रहा है । रोगीका सम्पूर्ण दिवस, दाहिना स्वर चल रहा हो और उन्हें कपालभाति करना है तो यह किसी योग्य प्रशिक्षकसे पूछकर ही करें !
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