घरका वैद्य – मधु (शहद) (भाग-२)


इसमें शरीरके लिए आवश्यक खनिज पदार्थ : लोहा, ताम्बा, ‘मैंगनीज’, ‘सिलिका’, ‘कैल्शियम’, ‘पोटेशियम’, ‘फॉस्फोरस’, गन्धक, ‘आयोडीन’, ‘कैरोटीन’ और ‘एंटीसेप्टिक’ तत्त्व अधिक पाए जाते हैं ।
मधु शुद्ध होनेपर ही लाभकारी है । अन्य औषधियोंका सेवन करानेके लिए मधु, माध्यमके रूपमें कार्यमें ले सकते हैं । शुद्ध मधुका परीक्षण करनेके लिए, मधुकी कुछ बूंदें पानीमें डालें । यदि यह बूंदें पानीमें बनी रहती हैं तो यह शुद्ध मधु है और यदि इसकी बूंदें पानीमें मिल जाती हैं तो मधु सम्मिश्रित है ।

मधुमें पाए जानेवाले पोषक तत्त्व : मधु आवश्यक पोषक तत्त्वों, खनिजों और ‘विटामिन’का भण्डार होता है । मधुमें मुख्य रूपसे ‘फ्रुक्टोज’ पाया जाता है । इसके अतिरिक्त इसमें ‘कार्बोहाइड्रेट’, ‘राइबोफ्लेविन’, ‘नायसिन’, ‘विटामिन बी-6’, ‘विटामिन-सी’ और ‘एमिनो एसिड’ भी पाए जाते हैं । एक चम्मच (२० ग्राम) मधुमें लगभग ६४ ‘कैलोरी’ और १७ ग्राम (‘फ्रक्टोज’, ‘ग्लूकोज’, ‘सुक्रोज’ एवं ‘माल्टोज’) होता है । मधुमें वसा, ‘फाइबर’ और ‘प्रोटीन’ पूर्णतः नहीं होता है ।



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