घरका वैद्य – मक्का (भाग-१०)


* रक्त शर्करा और ‘कोलेस्ट्रॉल’के लिए : स्तरको कम करता है ‘स्वीट कॉर्न’ और मक्केका तेल रक्तके प्रवाहको बढाता है, ‘कोलेस्ट्रॉल’के अवशोषणको कम करता है और ‘इंसुलिन’को नियन्त्रित करता है, जिससे यह मधुमेह और ‘कोलेस्ट्रॉल’के रोगियोंके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है । विशेषज्ञोंकी मानें तो यह ‘कार्ब्स’में समृद्ध है और ऊर्जाका एक बडा स्रोत है । पोषक तत्त्वोंमें उच्च, मक्का ‘विटामिन बी1’, ‘विटामिन बी5’ और ‘विटामिन सी’से समृद्ध है, जो रोगोंसे लडने और नयी कोशिकाओंको उत्पन्न करनेमें सहायता करता है । ‘फाइबर’में उच्च, मक्का भी मधुमेह रोगियोंमें रक्त-शर्कराके स्तरको कम करके शरीरमें ‘कोलेस्ट्रॉल’के स्तरको कम करनेमें सहायता करता है । वहीं दूसरी ओरटाइप-२’ मधुमेहके रोगियोंपर आधारित शोधमें मक्काको सहायक माना गया है । शोधमें विवरण मिलता है कि नियमित आहारमें मक्काको सम्मिलित करनेवाले रोगियोंमें, रक्त-शर्करामें बहुत न्यूनता देखनेको मिली है । विशेषज्ञ भी ‘फाइबर’, ‘कार्बोहाइड्रेट’, ‘प्रोटीन’ और ‘विटामिन’से समृद्ध स्रोतके रूपमें मधुमेहमें मक्काको खानेका परामर्श देते हैं । इस आधारपर यह माना जा सकता है कि मक्काका उपयोगकर मधुमेहकी (डायबिटीजकी) समस्यामें कुछ सीमातक मुक्ति पाई जा सकती है ।



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