घरका वैद्य – मक्का (भाग-७)


* भुट्टेके बालमें बनी ‘चाय’, ‘किडनी’में एकत्रित हुए ‘टॉक्सिन्स’ और ‘नाइट्रेट’को शरीरसे बाहर निकाल देता है और कडनीमें पडे हुए पथरोंको धीरेसे गलाकर बाहरकर देता है । वहीं दूसरी ओर, जो लोग इस पेयको पीते हैं, उन्हें पथरीका भय कम हो जाता है ।

* मधुमेहके नियन्त्रणके लिए : भुट्टेके बालसे बनी ‘चाय’ रक्तशर्कराके लिए लाभदायक है । इससे ‘कोर्न सिल्क एक्ट्रेक्ट’के कारण मधुमेहपर प्रभाव पडता है । भुट्टेके बालेमें इतने ‘विटामिन’ और खनिज (‘मिनरल्स’) होते हैं कि ये शरीरमें ‘इन्सुलिन’की मात्राको नियन्त्रित करता है ।

* भूख बढानेमें सहायता : भुट्टेके बाल, पाचन तन्त्रके लिए लाभदायक हैं । यह न केवल भोजनको पचाते हैं; अपितु भूखको भी बढाते हैं । इसके साथ ही इसमें ‘प्रोटीम’ प्रचुर मात्रामें होता है ।

* भार कम होता है : भुट्टेके बाल मोटापा कम करनेमें आपकी सहायता करेंगे । शरीरमें ‘वॉटर रिटेंशन’ और विषाक्त पदार्थोंके जमनेके कारणसे, कुछ लोग मोटापेसे ग्रस्त हो जाते हैं, भुट्टाका बाल इन रोगोंको शरीरसे दूर करनेमें सहायता करता है, जिससे शरीरका भार घटता है । मक्काके आटेका सेवन करनेसे शरीरमें ऊर्जा बनी रहती है । बार-बार भूख नहीं लगती है, जिससे आप अतिरिक्त खानेसे बच जाते हैं । इससे भार बढनेकी समस्या उत्पन्न ही नहीं होती है ।



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