घरका वैद्य – प्राणायाम चिकित्सा (भाग-६)
कपालभाति प्राणायाम
यह एक सरल प्राणायाम है । ‘कपाल’ अर्थात माथा और भातिका अर्थ होता है, प्रकाश । कपालभाति प्राणायाम करनेसे व्यक्तिके मुखपर चमक आती है और इस प्राणायामसे कई प्रकारके जटिल रोग दूर होते हैं तथा स्वस्थ व्यक्ति इस अभ्यासको प्रतिदिन करता रहे तो वह जीवनभर नीरोगी रहता है ।
कपालभाति प्राणायाम, योगका एक विशिष्ट अंग है । ध्यान और मानसिक शक्तिके विकासके लिए कपालभातिको अति महत्त्वपूर्ण बताया गया है । प्राचीन समयके कुछ ज्ञानियों और योगियोंद्वारा कपालभातिको षट्कर्मका एक भाग भी कहा गया है । कपालभातिसे कुण्डलिनी शक्ति भी जाग्रत होती है । मनको शान्त और प्रफुल्लित रखनेके लिए, कपालभाति प्राणायाम प्रतिदिन करना चाहिए । कपालभाति प्राणायाम शरीरकी नाडियोंको शुद्ध करके उन्हें सम्पूर्ण स्वस्थ बनाकर रोगोंको दूर करता है ।
इस प्राणायाममें श्वास द्रुत गतिसे बाहर छोडनी होती है । ऐसा करनेसे पेटकी वायु नाकके माध्यमसे तीव्रतासे बाहर निकलती है ।
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