जनवरी १३, २०१९
लगभग नौ माह पूर्व घरसे बडौदाके लिए रवाना होकर गुम हुई १८ वर्षीया युवतीके जम्मू-कश्मीर निवासी एक युवकके साथ विवाह करनेके प्रकरणमें शुक्रवारको नूतन मोड आ गया है । लगभग एक माह पूर्व युवती श्रीनगरसे वापस बाडमेर आ गई । शुक्रवार, १२ जनवरीको उसने युवकपर गम्भीर आरोप लगाए हैं ।
युवतीने बताया कि बाडमेरके एक कैफेमें काम करनेवाले जम्मू कश्मीरी निवासी युवक गुलजार उसे सम्पादित चित्रसे भयादोहन (ब्लैकमेल) कर रहा था । उसे जम्मू-कश्मीर बुलाया तो वह भयसे वहां चली गई । उसने भयभीतकर विवाहके लिखितपत्र तैयार करवा लिए । वहां उसे गोमांस खाने, नमाज पढनेके लिए बल दिया ! उसके कुटुम्बके अन्य लोग उसपर अनुचित दृष्टि रखते थे । एक दिन जब गुलजार व उसका भाई उसे दुबईमें बेचनेकी तैयारी कर रहा था, तो आभास होनेपर वह श्रीनगरसे भागकर बाडमेर आ गई और परिजनोंको पूरी आपबीती बताई । इसके पश्चात अब परिजनोंने प्राणोंको संकट बताते हुए पुलिससे सुरक्षाकी मांग की है । लव जिहादका आरोप लगाते हुए तैयार किए गए अयोग्य लिखितपत्रकी जांचकर न्यायकी मांग की है ।
बाडमेरकी १८ वर्षीया एक युवती १६ मार्च, २०१८ को बाडमेरसे बडौदाके लिए बससे रवाना होकर बीच राहमें गुम हो गई थी । युवती अहमदाबादमें उतरी और वायुयानसे देहली और इसके पश्चात श्रीनगर पहुंच गई थी । परिजनोंने श्रीनगरके कुपवाडा निवासी गुलजार नामक युवकपर अपहरणकर युवतीको भगा ले जाने और बलपूर्वक धर्म परिवर्तन करवाकर विवाह किए जानेके आरोप लगाए थे । ३८ दिवस पश्चात गुलजारने ‘फेसबुक’से २४ अप्रैलको वीडियो जारीकर युवतीकी सहमतिसे विवाह करना बताया था । इसके पश्चात युवतीके पिताने उच्च न्यायालयमें याचिका प्रविष्टकर विवाहके लिए बनाए गए पत्रोंको चुनौती दी गई । युवतीके पिताके अनुसार जिन तिथिके लिखितपत्र जारी हुए हैं, उस समय युवती बाडमेर और बडौदामें थी ।
पीडिताने बताया कि ‘फेसबुक’पर जो वीडियो जारी किया उसे भी दबावमें वक्तव्य देकर बनाया और २० बार सम्पादात किया गया । उसके निकाहके लिखितपत्र अयोग्य हैं ।
पीडिताने कहा कि नवम्बर, २०१८ में गुलजार और उसके भाई इकबालके मध्य बात करते हुए सुना था । दोनों उसे दुबईमें बेचकर बडी राशि मिलनेकी बात कर रहे थे । इसपर वह भयभीत हो गई । कुछ दिवस पश्चात जब गुलजारने श्रीनगरमें एक ‘कैफे’पर चाकरी आरम्भ की तो उसने पैसे चुराए और पासके एक ‘ई-मित्र’से वायुयानका टिकट करवाया ।
पिताने कहा कि पुलिस लगातार आश्वासन दे रही है; परन्तु कार्यवाही आगे नहीं बढ रही है । हमारे प्राणोंको संकट है । दोषियोंको शीघ्रातिशीघ्र दण्ड मिलें !
“आजके युवाओंकी संस्कारहीनताका परिणाम माता-पिताको भी भोगना पडता है । आए दिन समाचार पत्रोंमें और हिन्दुवादी संगठनोंद्वारा धर्मान्धोंके लव-जिहादके विषयमें चेताया जाता है; परन्तु आजकी तथाकथित आधुनिक व धर्मनिरपेक्षवादी युवतियां इसे उपहासमें लेती हैं, तदोपरान्त किसी धर्मान्धके वशमें हो स्वयं व अपने कुटुम्बको भी ले डूबती हैं ! और इसके समान उत्तरदायी वे धर्महीन माता-पिता भी है, जो न ही स्वयं धर्म पालन करते हैं, सिनेमाघरोंमें जाकर पद्मिनी सदृश हिन्दू हृदय सम्राज्ञी क्षत्राणियोंका अनादर करनेवाले चलचित्र दिखाते हैं, तदोपरान्त शासनसे सहायता मांगते हैं ! हिन्दुओ ! स्मरण रहे कि जो संस्कार आप बालकको दे रहे हैं, वहीं वह उपजता है ! और खिलजीको माननेवाला समाज कभी रानी पद्मिनी जैसी क्षत्राणियां नहीं उत्पन्न कर सकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : भास्कर
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