स्वामी गोपालदासने रक्तसे लिखा पत्र, प्रशासनने ‘एम्स’में कराया भर्ती


अक्तूबर १७, २०१८

मातृसदनमें अनशन कर रहे स्वामी गोपालदासको जिला प्रशासनने पुनः ऋषिकेश स्थित आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थानमें भर्ती करा दिया । इससे पूर्व गोपालदासने अपनी अंगुली काटकर मांगोंके समर्थनमें रक्तसे पत्र लिखा । सुबह से मौन तपपर बैठनेके पश्चात दोपहर उन्होंने जल भी त्याग दिया था । इस बीच, मातृसदनने उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने आए दलको बैरंग लौटा दिया था ।

स्वामी ज्ञानस्वरूप सानन्दके देह त्याग करनेके पश्चात वह मातृसदनमें अनशनपर बैठे थे, लेकिन स्वास्थय बिगडनेपर प्रशासनने उन्हें ऋषिकेश ‘एम्स’में भर्ती कराकर बलपूर्वक खिलाया था । मंगलवार, १६ अक्तूबरको उन्हें ‘एम्स’से छोडकर मातृसदन पहुंचा दिया गया था । वहां उन्होंने पुनः अनशन आरम्भ कर दिया ! बुधवार, १७ अक्तूबरको उन्होंने मौन तप के साथ ही जल भी त्याग दिया था।

ज्ञात होनेपर चिकित्सालयके चिकित्सकोंके दो दल उनके स्वास्थ्य परीक्षणके लिए मातृसदन पहुंचे, लेकिन दोनों ही बार गोपालदास परीक्षणके लिए सज्ज (तैयार) नहीं हुए ! उन्होंने उनको हस्तलिखित एक पत्र सौंपकर बताया कि वह संथारा कर रहे हैं, इसके अन्तर्गत सन्त धीरे-धीरे अपना शरीर छोड देते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य जांचनेका कोई औचित्य नहीं है । पत्रमें यह भी लिखा कि संन्यासकी इस प्रक्रियामें किसीको भी हस्तक्षेप करनेका अधिकार नहीं है ।
इससे प्रशासनके हाथ-पांव फूल गए ! दोपहर पश्चात एसडीएम मनीष कुमार सिंह, सीओ कनखल एसके सिंह व एसओ कनखल ओमकांत भूषण मातृसदन पहुंचे । तब तक गोपालदास कक्षमें चले गए थे । अधिकारियोंने मातृसदनके परमाध्यक्ष स्वामी शिवानन्दसे वार्तामें स्वामी गोपालदासके गिरते स्वास्थ्यका कहते हुए उन्हें चिकित्सालयमें भर्ती करानेके लिए कहा ।
स्वामी शिवानन्दका आरोप था कि प्रशासन सन्तोंको उपचारके नामपर ले जाता है और उनकी हत्या करता है !

 

“मां गंगाकी रक्षा हेतु बैठे सन्तोंकी ऐसी स्थिति देख हृदय क्रन्दन करता है । हिन्दुओं ! देवनदी गंगाकी रक्षा हेतु स्वयं सज्ज हो, क्योंकि उदासीन हुई इस लोकतन्त्रकी सरकारोंसे आशा रखना व्यर्थ है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : जागरण



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