‘HDFC’ की जिस शाखामें हुई थी ‘इफ्तार’ और ‘नमाज’, वहां बन्द हुआ शासकीय खाता : बाराबंकी शाखापर ‘PM’ योजनामें ‘लापरवाही’का आरोप
०१ मई, २०२२
उत्तर प्रदेशके बाराबंकीमें ‘HDFC’ अधिकोषकी (बैंककी) जिस शाखामें ‘रोजा इफ्तारी’ और ‘नमाज’ करवाई गई थी, वहांसे एक शासकीय खातेको हटा लिया गया है । यह खाता नगर विकास अभिकरण डूडाकी ओरसे संचालित योजना ‘जिला नगरीय गरीबी उन्मूलन’का है । इस खातेको २० ‘करोड’ रुपएसे अधिकका बताया जा रहा है । शाखापर (ब्रांचपर) प्रधानमन्त्री स्वनिधि योजना भी उचित प्रकारसे संचालित न करनेका आरोप है । ‘बैंक’के शाखा प्रबन्धक (ब्रांच मैनेजर) जहीर अब्बास हैं ।
‘मीडिया’ विवरणके अनुसार नगर विकास अभिकरणने अब ‘बैंक ऑफ इंडिया’में खाता खुलवा लिया है । खातेको परिवर्तित करनेका कारण ‘बैंक’द्वारा ‘लापरवाही’ बरतना बताया गया है । इसकी पुष्टि डूडाके परियोजना अधिकारी सौरभ त्रिपाठीने की है ।
‘बैंक’ परिसरमें हुई ‘इफ्तार पार्टी’के चलते ‘HDFC’ की यह बाराबंकी शाखा नूतन विवादोंमें घिर गई थी । शुक्रवारको (२२ अप्रैल, २०२२ को) ‘बैंक’में ‘इफ्तारी’ हुई थी । इसमें समाजवादी ‘पार्टी’के नेता सहित कई अन्य स्थानीय मुसलमान भी सम्मिलित हुए थे । ‘बैंक’ने उन्हें उपहार भी दिए थे । शाखा प्रबन्धक जहीर अब्बासने ‘इफ्तारी’को ‘सवाब’ बताते हुए इसे इस्लामके अनुसार उचित बताया था । तब हिन्दू संगठनोंने इसपर कठोर आपत्ति जताते हुए प्रशासनसे कार्यवाहीकी मांग की थी ।
‘एचडीएफसी बैंक’की बाराबंकी शाखाकी केन्द्र शासनद्वारा जांच होनी चाहिए; क्योंकि जब प्रधानमन्त्री योजनाको यह बैंक उचित प्रकारसे क्रियान्वित नहीं कर रहा है तो ऐसेमें इस ‘बैंक’की (एचडीएफसीकी) सम्पूर्ण कार्य शंकाके घेरेमें आती है; अतः केन्द्रको उचित कार्यवाही वास्तविकता जनमानस समक्ष रखनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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