मालेगांवमें ‘हिजाब’ दिवस मनानेका प्रयास, ‘जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द’पर अभियोग प्रविष्ट


११ फरवरी, २०२२
      कर्नाटकके पश्चात अब ‘हिजाब’ विवाद देशके दूसरे भागोंमें भी देखा जा रहा है । महाराष्ट्रके मालेगांवमें ‘पुलिस’ने ‘जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द’के विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट किया है । इसके अतिरिक्त ‘एआईएमआईएम’के स्थानीय विधायक ‘मौलाना’ मुफ्ती इस्माइलके विरुद्ध प्रपत्र दिया गया है । वास्तविकतामें ‘उलेमा-ए-हिन्द’के नेतृत्वमें मालेगांवमें महिलाओंने प्रदर्शन किया । इसके पश्चात बुलढाणा, बीड और मालेगांवमें धारा १४४ लगाई गई है, जो अगले आदेशतक जारी रहेगी ।
      इस ‘रैली’में कई सहस्रकी संख्यामें महिलाएं ‘हिजाब’ पहनकर सम्मिलित होती दिख रही हैं । मंगलवारको ‘जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द’के प्रमुख ‘मौलानाओं’की बैठक विधायक ‘मौलाना’ मुफ्ती इस्माइलके नेतृत्वमें हुई थी । इसी बैठकमें यह निर्णय किया गया । गुरुवारको महिला मिलनका एक कार्यक्रम रखा गया था । वहां ‘हिजाब’का समर्थन करनेके लिए ‘हिजाब’ और ‘बुरखाधारी’ महिलाओंको बुलाया गया था । ‘मौलाना’ मुफ्तीने यह भी जानकारी दी थी कि शुक्रवारको मालेगांवमें ‘हिजाब दिन’के रूपमें मनाया जाएगा । सभी महिलाएं उस दिन ‘बुर्का’ पहनेंगी । उन्होंने कहा था कि भारतमें प्रत्येक धर्मको अपनी परम्पराओंके अनुसार रहनेकी स्वतन्त्रता है ।
       ‘महापौर’ ताहिरा रशीद शेखने प्रस्ताव दिया है कि मालेगांवमें बने उर्दूघरका नाम कर्नाटककी ‘हिजाब गर्ल’ मुस्कान खानपर रखा जाएगा । कर्नाटकमें जय श्रीरामके उद्घोष करनेवालोंकी ‘भीड’के मध्य मुस्कानने ‘अल्लाह हू अकबर’का उद्घोष किया था ।
        भारत शासनकी किसीभी नीतिके विरुद्ध धर्मान्ध जिहादी सपूर्ण देशमें बडे नियोजित रूप विरोधकर एकजुटता दिखा रहे हैं, जो बहुत चिन्ताजनक है; क्योंकि देशका तथाकथित प्रबुद्ध वर्ग और तुष्टीकरणके पोषक सत्तालोलुप राजनीतिक दल ‘वोटबैंक’की रजनीतिके लिए उनको समर्थन दे रहे हैं, जिनसे सतर्क रहना होगा । ‘हिजाब’ हो या अन्य कोई मान्यता, वह व्यक्तिगत रुचिका विषय है । इसे सार्वजनिक जीवनसे दूर रखा जाना चाहिए । विवादोंकी समाप्ति, सभी वर्गों एवं सम्प्रदायोंके हितमें तथा एकरूपता लानेके लिए समान नागरिक संहिताका विधान, शासन अविलम्ब लाए ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ


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