परीक्षाका बहिष्कार करनेवाली ‘हिजाब’ समर्थक छात्राओंको पुनः परीक्षाका अवसर नहीं मिलेगा 


२२ मार्च, २०२२
         कर्नाटक उच्च न्यायालयके निर्णयके पश्चात भी मुसलमान छात्राओंने बिना ‘हिजाब’ पहने विद्यालय आनेसे मना कर दिया है; अत: अब राज्य शासनने कठोर भूमिका अपनाते हुए प्रायोगिक परीक्षामें उपस्थित न रहकर ‘हिजाब’के समर्थनमें प्रदर्शन करनेवाली छात्राओंको पुनः परीक्षा देनेका अवसर न देनेका निर्णय लिया । कुछ छात्राओंने फरवरी माहमें ‘हिजाब’के समर्थनार्थ प्रयोग परीक्षाका बहिष्कार किया था ।
        विद्यालय अर्थात विद्या अर्जनका स्थल; जहां अहं न्यून रख विनम्रतापूर्वक विद्या अर्जित होती है । ‘हिजाब’ समर्थकोंका अहंकार सातवें आकाशमें रहता है; इसलिए ऐसे लोगोंका विद्यालयमें आना न आना एक समान है । कर्नाटक उच्च न्यायालयने उचित निर्णय दिया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


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