हिन्दू देवी-देवताओंको ६ ‘यूट्यूब चैनल’पर बोले जा रहे हैं अपशब्द, लोगोंके आक्रोशके पश्चात घण्टे भरमें दो ‘चैनल’ हटाए
१० जनवरी, २०२२
‘यूट्यूब’पर कुछ ऐसे ‘चैनल’ उपलब्ध हैं, जो निरन्तर हिन्दू देवी-देवताओंका अपमान कर रहे हैं और हिन्दू धर्मके विरुद्ध घृणा फैलानेका कार्य कर रहे हैं । इसीको लेकर शनिवार, ८ जनवरी २०२२ को ‘नेटिजन्स’ने (अन्तर्जालपर सक्रिय लोगोंने) ‘ट्विटर’से इन ‘चैनलों’के विरुद्ध कार्यवाहीकी मांग की । इन ‘चैनलों’के नामसे ही स्पष्ट हो रहा था कि ये हिन्दू देवी-देवताओंको अपमानित कर रहे थे । इनमेंसे एक तो बांग्लादेशसे संचालित किया जा रहा था ।
इसी शृंखलामें ‘ट्विटर यूजर’ और विश्लेषक (एनालिस्ट) अंशुल सक्सेनाने ‘ट्विटर’पर कुछ ‘चैनलों’को ‘टैग’ किया था । अंशुलने जिन ‘चैनलों’को ‘टैग’ किया था । उसमें भगवान श्रीराम, भक्त हनुमान, माता सीता और मां काली समेत अन्य हिन्दू देवी-देवताओंको अपशब्द कहे जा रहे थे । ‘सोशल मीडिया’पर लोगोंके आक्रोशके पश्चात ‘ट्वीट’में जोडे गए ६ में से दो ‘चैनलों’को ‘यूट्यूब’ने हटा दिया है । अन्य तीन अभी भी चल रहे हैं । इन ‘चैनलों’के विरुद्ध अभीतक ‘यूट्यूब’ने कोई कार्रवाई नहीं की है ।
यह प्रथम प्रकरण नहीं है, जब ऐसा हुआ है कि हिन्दू देवी-देवताओंका सार्वजनिक रूपसे अपमान किया जा रहा हो और देशके हिन्दू प्रतिक्रियाके नामपर परिवादकर कार्यवाहीकी प्रतीक्षा कर रहे हैं । गत दिवस एक शिक्षकने गणितके प्रश्नका उचित उत्तर न मिलनेपर ६ वर्षकी बच्चीसे ‘अल्लाह’के लिए प्रार्थना पढवाई थी, तब भी परिवाद किया गया था और न्यायकी प्रतिक्षा की गई । बात स्पष्ट है कि जबतक हम अपनी संस्कृति और सभ्यताका स्वयं सम्मान नहीं करेंगे, तबतक अन्य लोग इसका अपमान करते ही रहेंगे । यदि समय रहते कठोरता एवं एकताके साथ प्रतिकार करनेसे ही, ऐसे लोगोंको समुचित उत्तर दिया जा सकता है; अतः अब समय है स्वर मुखर करनेका ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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