दिल्लीमें हिन्दू पलायन करने को विवश, घरके आगे लिखा है ‘यह मकान बिकाऊ है’


अगस्त २८, २०१८

पूर्वी दिल्लीके ब्रह्मपुरीकी गली नम्बर ८ में गत कुछ माह से लोग तनावके मध्य रह रहे हैं । पुलिस बलकी तैनाती इस गलीमें सदैव रहती है । गलीमें रहने वाले हिन्दू कुटुम्बके अनुसार गली नम्बर ८ में हिन्दू और मुसलमान शान्तिसे रहते आए हैं; लेकिन गत कुछ माह से यहां हिन्दू कुटुम्बके लोग स्वयंको असुरक्षित अनुभव कर रहे हैं । लोगोंने अपने घरोंके बाहर मकानके विक्रय होनेकी प्लेट लगा रखी है ! हिन्दू समुदायके लोगोंने बताया कि इस गलीमें एक प्लाट रिक्त था, जिसे मुस्लिम लोगोंने क्रय किया; लेकिन उसके पीछे मन्दिर होनेके कारण लोगोंने विरोध किया और फिर वहां मस्जिद नहीं बनी ।

इससे कुछ घर छोडकर आगे एक प्लस्टिक उद्योग इकाई चल रही थी, उद्योग इकाई बंद होनेके पश्चात मुस्लिम समुदायके लोग उसे मस्जिद बनाने लगे और यहां गत ३-४ माह से नमाज होने लगी, जिसका लोगोंने विरोध किया । ये बात पुलिस तक भी पहुंची और वहां ताला लगा दिया; लेकिन फिर ताला खुला और फिर नमाज आरम्भ हो गई ! ध्वनिप्रसारक यन्त्र भी बजने लगा । हिन्दुओंका कहना है कि नमाजके दिन बाहर से बहुत संख्यामें लोग आते हैं और गलीमें ही नमाज पढते हैं; लेकिन लोगोंके विरोधके पश्चात ध्वनिप्रसारक यन्त्र हटा दिया । हिन्दुओंका कहना है कि अवैधानिक रूपसे इसे मस्जिदका रूप दिया जा रहा है, जिसकी परिवाद पुलिसको भी की गईं है । ८-९ अगस्तको यहां स्थिति खराब हो गई थी, यहां रातमें पुलिस बलको भी बुलाया गया था ।

यहां रहने वालीं विमला गुप्ताने बताया, “मेरी ६९ वर्ष आयु है, ५० वर्षोंसे यहां रह रही हूं । हमारा वाहन खडा करनेको लेकर लोग झगडा करते हैं और ये झगडा मस्जिदको लेकर करते हैं, ताकि हम लोग परेशान हों और यहां से जाए !! हम तो परेशान हो चुके हैं; इसलिए अब घर विक्रय कर जाना चाहते हैं !”


अभिलाष शर्माने बताया, “लोग षडयन्त्रके अनुसार घर लेते हैं, फैक्ट्रीमें मस्जिद बना रहे हैं । ९ अगस्तको बहुत से लोगोंने नमाज पढी ।” यहां रहने वाली पूनम शर्माने कहा कि हम लोग परेशान हो चुके हैं, लोग गलीमें नमाज पढते हैं । हमारा निकलना मुश्किल हो जाता है ।

वहीं इस मामले पर मुस्लिम लोगोंका कहना है कि हमारा किसी से कोई झगडा नहीं है । हमारे घरमें बुजुर्ग लोग हैं, जो बाहर नहीं जा सकते इसी कारण यहां मस्जिद बना रहे हैं । कुछ बाहरके लोग आकर यहांका वातावरण खराब कर रहे हैं ।

 

“हिन्दुओं ! आंखें खोल इसे देखें । धर्मान्धोंके लिए कोई भाईचारा नहीं होता । उनके लिए जहां वे फैल जाए वहीं मस्जिद बनाना ही परम धर्म है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जी न्यूज



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