अन्याय करनेवालेसे अधिक बडा पापी अन्याय सहन करनेवाला होता है
अन्याय करनेवालेसे अधिक बडा पापी अन्याय सहन करनेवाला होता है। अन्याय करनेवालेकी तो बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी होती है परंतु अन्याय सहन करनेवालेकी वृत्ति नपुंसक हो चुकी होती है और ऐसे प्रवृत्तिवाले शेरपर तो लोमडी भी राज्य करती है – तनुजा ठाकुर
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