एक व्यक्तिने मुझे पत्र लिखकर कहा है कि आपके लेखसे हिन्दुत्त्व विषयी कट्टरवादकी स्पष्ट झलक दिखाई देती है !
उत्तर सरल है – भारतवर्षका प्राण ‘हिन्दुत्व’ है, जब प्राण नष्ट हो जाएंगे तो इस देशको नष्ट होनेमें कितना समय लगेगा, स्वयं सोचें । आज जब प्रसारमाध्यम, सरकार, राजनैतिक पक्ष, पाश्चात्य संस्कृति, आधुनिकतावाद, अदूरदर्शी नास्तिक विज्ञानवाद, इन सबके माध्यमोंसे प्रचंड प्रमाणमें हिन्दुत्त्वपर सतत आक्रमण हो रहा है एवं कुछ हिंदुत्त्वनिष्ठ संस्थाओंको छोड दें तो यह कह सकते हैं कि हिन्दुत्त्वके संरक्षण हेतु नगण्य मात्र प्रयास हो रहा है, ऐसे में धर्मके प्रति अटूट प्रेम और आस्था ही हिन्दुत्त्वमें पुनः प्राण फूंक कर उसका संरक्षण एवं संगोपन करनेकी क्षमता रखता है, यह एक कटु सत्य है, अब इसे यदि आप धार्मिक कट्टरताकी उपमा दे तो यह मात्र हमारी बुद्धिभ्रष्टताको ही दर्शाता है शेष कुछ नहीं -तनुजा ठाकुर
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