एक व्यक्तिने लिखा है कि आप बार-बार हिन्दू राष्ट्रका उल्लेख क्यों करती हैं ?
उत्तर बडा सरल है, तथाकथित धर्मनिरपेक्षताके ‘कुसंस्कार’से दूषित हिन्दू मनको शुद्ध करने हेतु हिन्दू राष्ट्रका ‘सुसंस्कार’ अंकित करना ही सर्व समस्याओंका एकमात्र समाधान है ! लेखक, विचारक, चिन्तक, विश्लेषकके सर्व दृष्टिकोण समाधानकारक होने चाहिए, मात्र समस्या बतानेसे उसका समाधान नहीं होता, उसपर योग्य उपाय योजना बताना, यह अति आवश्यक होता है ! हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही समाजके व्यष्टि और समष्टि समस्याओंकी कुंजी है, समाज मनपर इस तथ्यको अंकित करना अति आवश्यक है और हम यही कर रहे हैं !
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