आजके राजनेता फीता काटकर किसी प्रतिष्ठानका उद्घाटन करते हैं, सार्वजानिक स्तरपर केक काटकर जन्मदिन मनाते हैं; इसीलिए इस देशकी प्रजा भी पाश्चात्य संस्कृतिका अनुसरण करती हैं ! किन्तु आगामी हिन्दू राष्ट्रके राज्यकर्ताओंमें राष्ट्रप्रेमके साथ ही सनातन धर्म एवं संस्कृतिके प्रति कूट-कूट कर स्वाभिमान भरा होगा; अतः प्रजा भी उन्हें आदर्श मान, राष्ट्रभिमानी एवं धर्माभिमानी होगी !
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