
वृत प्रकाशित हुआ है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडियाद्वारा जारी किए गए सिक्कोंपर मां वैष्णव देवीके चित्रपर कुछ कठमुल्लोंको कडी आपत्ति है ! सर्व विदित है कि वैष्णव देवीकी रजत जयंतीके उपलक्ष्यमें मां वैष्णव देवी अंकित सिक्के प्रचलित किए गए | रिजर्व बैंक ऑफ इंडियाकी प्रवक्ता अल्पना कीलावालाने बताया, “सिक्केको इस प्रारूपमें निकालनेमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडियाका कोई हाथ नहीं होता है | ये भारत सरकारद्वारा किया जाता है | हम तो मात्र वितरणकी देखरेख करते हैं | ”
मौलिवियोंका कहना है कि इससे उनके संप्रदायकी धार्मिक भावनाओंको ठेस पहुंच सकती है और यदि मां वैष्णव देवीका चित्रवाले सिक्के हो सके हैं तो सितारेके साथ आधे चंद्रमावाले चित्र भी हो सकते हैं !!
मौलवीजी यह हिन्दूद्रोही सरकारने मां वैष्णव देवीके सिक्के इसलिए निकाले हैं; क्योंकि आर्थिक रूपसे दिवालिया हुई इस सरकारकी गिद्ध दृष्टि वैष्णवदेवीके अकूत सम्पदापर है ! और दूसरी बात यह हिंदुस्तान है जहां सौ कोटि हिन्दू रहते हैं यहांके सिक्केपर वैष्णव देवीके चित्र नहीं होंगे तो क्या अफगानिस्तान और पाकिस्तानमें होंगे ! आपको सिक्कोंपर चांद-सितारे चाहिए तो वहीं चले जाएं ! – तनुजा ठाकुर (१७.१.२०१४)
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