जनवरी २३, २०१९
दक्षिणपन्थी संगठन हिन्दू सेनाने इस बार ब्रिटेनकी महारानी विक्टोरियाकी पुण्यतिथि मनानेका निर्णय किया है । इसके लिए हिन्दू सेनाने मंगलवार, २२ जनवरीको दिल्लीके जंतर-मंतरपर एक कार्यक्रमका आयोजन किया है ।
हिन्दू सेनाने इस कार्यक्रमके लिए एक आमन्त्रण भी छापा है । जिसमें लिखा गया है, “महारानी विक्टोरिया अमर रहें” ! लोगोंको इस कार्यक्रममें आमन्त्रित करते हुए लिखा गया है, “रानी विक्टोरियाकी ११८वीं पुण्यतिथिके अवसरपर श्रद्धांजलि अर्पित करनेके लिए हिन्दू सेना २२ जनवरीको एक कार्यक्रमका आयोजन कर रही है ।”
इस आमन्त्रणमें अंग्रेजोंको स्वतन्त्रता दिलानेवाला बताते हुए लिखा गया है, “अंग्रेजोंने १८५७ में विदेशी इस्लामिक आक्रमणकारियों/आतंकवादियोंसे भारतको स्वतन्त्रता दिलानेमें सहायता की और यह सही अर्थोंमें भारतकी प्रथम स्वतन्त्रता थी ।”
महारानी विक्टोरियाकी प्रशंसामें आगे लिखा गया, “महारानी विक्टोरियाके गतिशील नेतृत्वमें अंग्रेजोंने सैकडों देशी रियासतोंको एक किया और एक विधानके अन्तर्गत एक देश बन गया ।”
“देशमें प्रथम बार इसप्रकारके किसी कार्यक्रमका आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भारतको पराधीन करनेवाले शासकको एक महानायकके रुपमें प्रस्तुत किया जा रहा है ! १८५७ की क्रांतिके समय महारानी विक्टोरियाके नेतृत्वमें अंग्रेजी सेनाने भारतीयोंपर अत्याचार किए, गौमांसका विरोध करनेवाले क्रान्तिकारियोंको फांसीपर चढाया गया, गौमाताको काटा गया, भारतीय संस्कृति, गुरुकुल पद्धतिको समाप्त किया, आयुर्वेदिक संस्थान समाप्त किए गए, अनेकों स्वतन्त्रता सेनानियोंको दुर्दान्त मृत्यु दी गई । क्या हिन्दू सेना ‘सैल्यूलर जेल’के अत्याचारको भूल चुकी है ? क्या सहस्रों हिन्दू स्त्रियोंका शीलहरण, जलियावाला हत्याकांड, भारतका समस्त स्वर्ण और सम्पदा लूटना क्या ये सब भूला दिया जाए ? हिन्दुओं ! भारत माताका शीलहरण करवानेवाली एक पाश्चात्य स्त्रीकी पूजा करनेवाले ऐसी विचारधाराके हिन्दुओंसे सावधान रहें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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