‘एएमयू’में ‘तमंचे’के बलपर हिन्दू छात्रसे लगवाए पाकिस्तान ‘जिंदाबाद’के उद्घोष, कलावा उतरवाया और मारपीट
८ अक्टूबर, २०२२
अलीगढमें ‘एएमयू’में ‘एमटेक’के हिन्दू छात्रसे मारपीटकी घटना सामने आई है । साथ ही छात्रसे धर्मान्ध छात्रोंने ‘तमंचे’के बलपर पाकिस्तान ‘जिंदाबाद’ उद्घोष करनेको कहा । आरोप है कि युवकके हाथसे रक्षासूत्र भी उतरवाया गया और उसे पीटा गया । अभी, ‘पुलिस’को परिवाद प्रविष्ट किया गया है ।
जानकारीके अनुसार, जनपद बुलंदशहरके गांव कारणवशके रहनेवाले छात्र साकेत कुमार अलीगढ ‘मुस्लिम’ विश्वविद्यालयसे ‘एमटेक’ प्रथमवर्षके छात्र है । हिन्दू छात्रका आरोप है कि ‘एएमयू’के सुलेमान सभागारमें मेरे साथ रहवर नामके मुसलमान छात्रने बलात मादकताकी स्थितिमें ‘तमंचे’के बलपर पाकिस्तान ‘जिंदाबाद’का उद्घोष करनेको कहा और मेरे हाथमें बंधा हुआ रक्षासूत्र भी उतरवा दिया है । आगे छात्रका आरोप है कि आरोपी छात्रने मेरी बहनको ‘हिजाब’ बनानेकी भी धमकी दी है । इन अनेक बातोंका विरोध किया गया तो मेरे ऊपर चाकूसे प्राणघातक आक्रमणकर दिया । इसमें मेरे मस्तक और बांहमें गम्भीर ‘चोट’ भी आई हैं ।
‘आनन-फानन’में छात्रोंने मुझे ‘मेडिकल कॉलेज’में ‘भर्ती’ कराया गया था । अब स्वस्थ होनेके उपरान्त छात्रने परिवाद प्रविष्ट किया है; किन्तु साथ ही आरोप लगाया कि ‘पुलिस’ने कहा कि सामान्य घटनाका परिवाद प्रविष्ट करवा दो । यह परिवाद विवादित है । इसी परिवादको लेकर हिन्दूवादी संगठनसे जुडे लोगोंके साथ पीडित छात्र सिविल लाइंस ‘थाने’ पहुंचा । ‘पुलिस’ने छात्रको कार्यवाहीका आश्वासन दिया है ।
‘एएमयू’ हो या ‘जेएनयू’ या कुछ अन्य वामपन्थी शिक्षाके केन्द्र देशद्रोहियोंके केन्द्र बन गए हैं, यहांसे शिक्षा पानेवाले अधिकतर लोगोंने भारतीय संस्कृतिकी भरपूर हानि की है और समय-समयपर परिहास भी किया है । इस विघटनकारी विचारधाराके समूल नाशके लिए ‘एएमयू’ को सामान्य विश्वविद्यालय घोषित किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
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