जनवरी ६, २०१९
बांग्लादेशके मध्य तंगाइल जनपदमें दो समूहोंके मध्य झडपके पश्चात एक हिन्दू मंदिरमें तोडफोड की गई । ‘ढाका ट्रिब्यून’के एक समाचारके अनुसार, जनपदके बत्रा गांवमें आठ-नौ लोगोंके एक समूहने मन्दिरके स्वामी चित्ता रंजन और उनके कुटुम्बपर भी आक्रमण किया । चित्ता रंजनने भूमि क्रयकर लगभग २० वर्ष पूर्व उसपर शिव मंदिरका निर्माण कराया था ।
विवरणके अनुसार, उसी गांवके एक स्थानीय निवासीके नेतृत्वमें असामाजिक तत्त्वोंके एक समूहने रंजनके घरपर तोडफोड की और उसके परिवारवालोंसे मारपीट कर मंदिरकी भूमिपर अधिकार करनेका प्रयास किया ।
रंजनने कहा कि लोग २० से अधिक वर्षोंसे मंदिरमें पूजा- अर्चना कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि आरोपी पहले भी कई बार बलात भूमिपर अधिकार करनेका प्रयास कर चुके हैं । नागरपुर पुलिस थानेके प्रभारी आलम चंदने बताया कि पुलिस घटनास्थलका पहुंची और जांचका आदेश दिया । अभी तक किसीको बन्दी नहीं बनाया गया है ।
“एक भी इस्लामिक राष्ट्रमें हिन्दू सुरक्षित नहीं है और एकमात्र हिन्दू बहुल राष्ट्रमें भी हिन्दू सुरक्षित नहीं हैं; यह सब हिन्दुओंके धर्माभिमानका न होना, नेता भक्ति, क्षात्रवृत्ति न होना आदिका ही परिणाम है ! हिन्दुओंने अपने शास्त्रज्ञों व शूरवीरोंके संस्कारोंको भूला दिया है, जिसके कारण इतने कष्टोंका सामना करना पड रहा है ”-सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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