अमेजॉनका एक और धर्मद्रोही कृत्य, स्वर्ण मन्दिरका चित्र पयदानपर लगाया !


दिसम्बर १९, २०१८

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धन समितिकी (डीएसजीएमसी) ओरसे बुधवार, १८ नवम्बरको ऑनलाइन खुदरा उद्योग ‘अमेजॉन’को वैधानिक नोटिस भेजा गया है । अमेजॉनद्वारा कई उत्पादोंमें स्वर्ण मन्दिरके चित्रका प्रयोग करनेपर यह नोटिस भेजा है । इसमें अमेजॉनके मुख्य कार्यकारी अधिकारीको नोटिस मिलनेके २४ घण्टेके भीतर इन उत्पादोंका विक्रय रोकने व धार्मिक भावनाएं आहत करनेके लिए सिख संगतसे क्षमा मांगनेको कहा गया है ।

‘डीएसजीएमसी’के कार्यकारी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और सचिव मनजिदंर सिंह सिरसाकी ओरसे यह नोटिस दिया गया है । जिसे बुधवारको ही ‘अमेजॉन’के मुख्यालय कनाडा भेज दिया गया है । नोटिसको लेकर डीएसजीएमसी वैधानिक विभागके प्रमुख जसविन्दर सिंह जौलीका कहना है कि स्वर्ण मन्दिरका निर्माण ४०० वर्ष पूर्व सिख गुरुओंकी ओरसे कराया गया था, जो पूरे सिख समुदायके लिए आस्थाका मुख्य केन्द्र है ।

वहीं डीएसजीएमसीकी अधिवक्ता मनप्रीत कौरने कहा है कि किसी भी व्यापार और उत्पादके विक्रयके लिए इस चित्रका प्रयोग नहीं किया जा सकता है । अमेजॉनके उत्पादोंमें जिस प्रकार स्वर्ण मंदिरके चित्रका प्रयोग किया गया है, उसपर ‘डीएसजीएसमी’के कार्यकारी अध्यक्ष व महासचिवने घोर आपत्ति प्रकट करते हुए यह नोटिस जारी किया है । यदि २४ घंटेमें अमेजॉन इस सम्बन्धमें क्षमा नहीं मांगता और उत्पादोंका विक्रय नहीं रोकता तो डीएसजीएमसी वैधानिक कार्यवाही करेगा ।

डीएसजीएमसी वैधानिक विभागके प्रमुख जसविंदर सिंह जौलीने इस प्रकरणपर कनाडाके सिख मन्त्रियों व सांसदोंसे संज्ञान लेनेकी विनती की है । जौलीने कहा है कि कंपनी कनाडासे संचालित होती है, यदि वहांके शासनमें सम्मिलित सिख मन्त्री व सांसद इस प्रकरणमें वैधानिक कार्यवाही करेंगे, तो सम्भवत आगेसे कोई भी उद्योग समुदायकी भावना आहत करनेका प्रयास नहीं करेगा ।

स्वर्ण मन्दिरका चित्र वाले पायदान और कालीन ई-कॉमर्स जालस्थल ‘अमेजॉनपर कथित रूपसे विक्रय किए जानेको लेकर एक प्रमुख सिख संगठनने आपत्ति प्रविष्ट की है और सांस्कृतिक रूपसे अनुचित और अपमानजनक उत्पाद हटानेकी मांग की है ।

 

“पूर्वमें अमेजॉनद्वारा हिन्दू देवी-देवताओंके चित्र लगी वस्तु विक्रय की गई, जिसे बादमें विरोधके पश्चात हटा लिया गया था, उसके पश्चात अब स्वर्ण मन्दिरके चित्र लगी वस्तु विक्रय कर रहा है, क्या उद्योग जानबूझकर धर्मके अपमान हेतु यह कृत्य कर रहा है ? यदि उद्योग ऐसे ही हिन्दुओंका अपमान करता रहा तो भारतीयोंने ऐसे लोगोंका बहिष्कार करना चाहिए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution