‘शौहर’ने दिया तीन बार ‘तलाक’, देवरसे दो बार ‘हलाला’ और अब बहनोईसे ‘हलाला’ हेतु दबाव, प्रताडित महिलाने ‘थाने’में किया परिवाद प्रविष्ट
३ मई, २०२२
उत्तर प्रदेशके रायबरेली जनपदसे ‘ट्रिपल तलाक’ एवं ‘हलाला’का चकित कर देनेवाला प्रकरण उजागर हुआ है । यहां एक महिलाने स्वयंको तीन बार ‘तीन तलाक’ दिए जानेका परिवाद ‘पुलिस’में परिवाद प्रविष्ट कराया है । महिलाका आरोप है कि २ बार उसका ‘हलाला’ भी हुआ है एवं दोनों बार ‘निकाह’ उसके देवरने ही किया । ‘पुलिस’ने बताया कि ३० अप्रैल २०२२ को प्रकरणमें प्राथमिकी प्रविष्ट कर जांच आरम्भकी है । पीडिताके अनुसार, उसका ‘निकाह’ २०१५ में मोहम्मद आरिफसे हुआ था, जिसके पश्चात उसके ‘शौहर’ने उसे ‘तलाक’ दे दिया । इसके पश्चात महिलाका ‘निकाह’ व ‘हलाला’ पतिके भाई मोहम्मद जाहिदसे करवाया गया । जाहिदके ‘तलाक’ देनेके पश्चात महिलाका ‘निकाह’ ३ माह १३ दिनके पश्चात पुनः मोहम्मद आरिफसे हुआ । वहीं यही घटना एक बार पुनः दोहराई गई और अब महिलाका ‘शौहर’ उसे अपने बहनोईके साथ ‘हलाला’ करने हेतु दबाव बना रहा है; परन्तु महिला इसके लिए सिद्ध नहीं है और उसने ऐसा करनेसे मना कर दिया है । वहीं महिलाको मारनेकी धमकी भी दी गई है । महिलाका एक ‘वीडियो’ भी साझा हो रहा है, जिसमें वह स्पष्ट कह रही है कि उसके पतिने उसे ३ बार एवं देवरने दो बार तीन तलाक दिया है । उसे कुल ५ बार तीन तलाक मिल चुका है । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, पीडिता मिल एरिया ‘थाना’ क्षेत्रकी रहनेवाली है । वहीं ‘डीएसपी’ वंदना सिंहके आदेशपर पीडिताका परिवाद प्रविष्ट हुआ है; परन्तु अभीतक किसीको भी बन्दी नहीं बनाया गया है ।
यह कैसा पन्थ है ? यह कैसे नियम हैं ? जो महिलाको मात्र उपभोगकी वस्तु समझते हैं । ऐसे पन्थकी ओर आकर्षित होनेवाले मतिभ्रष्ट हिन्दू स्वतः ही विचार करें एवं सनातन धर्मकी श्रेष्ठताका अभिज्ञानकर (पहचानकर( पुनः अपने मूल धर्मकी और लौटे; अन्यथा आनेवाले समयमें ऐसे कष्ट आनेपर उनकी सन्तानें उन्हें ही दोषी कहेंगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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