‘वसीम रिजवी जहां भी दिखे, गला काटकर लाओ, ५० लाख रुपए दूंगा’, कांग्रेस नेताकी घोषणा, “हत्या करनेवालेका अभियोग (केस) भी लडूंगा”


०६ दिसम्बर, २०२१
      हैदराबादके कांग्रेस नेता मोहम्मद फिरोज खानने ‘शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड’के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवीके (अब जितेंद्र नारायण स्वामीके) मस्तकपर ५० लाख रुपएका पुरस्कार रखा है । ये दृश्यपट १० दिन पुराना है, जो अब ‘सोशल मीडिया’पर सार्वजनिक हो रहा है । बता दें कि वसीम रिजवीने उत्तर प्रदेशके गाजियाबादके डासना स्थित शिव-शक्ति धाममें महन्त यति नरसिंहानंद सरस्वतीके मार्गनिर्देशनमें न केवल हिन्दू धर्म अपना लिया; अपितु ‘जीते-जी’ अपने अन्तिम संस्कारकी प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली ।
      दृश्यपटमें कांग्रेस नेता कहते हैं, “वसीम रिजवी, ४ माहसे सुन रहा हूं तेरेको मैं । सहनशीलता जो है न, तू समाप्त कर देगा । ये जहां भी दिखे, इसकी हत्या कर दो और इसका गला लेकर मेरे पास आ जाओ‌ । ५० लाख रुपए मेरेसे ले लेना । सत्र न्यायालयसे (सेशन कोर्टसे) लेकर उच्च और सर्वोच्च न्यायायलतक, इसका हत्या करनेवालेके लिए प्रत्येक स्थानपर अधिवक्ता (वकील) मैं रखूंगा । साथ खडा रहूंगा । ऐसे लोगोंको (अभद्रतासे बोलते हुए अर्थात ‘गाली’ देते हुए) जीवित रहनेका कोई अधिकार नहीं है । जो भी मेरेको सुन रहे, मैं ‘अल्लाह’की सौगन्ध ले रहा हूं कि मैं तेरा साथ दूंगा ।”
      यद्यपि, ये प्रथम बार नहीं है, जब वसीम रिजवीका नाम लेकर इस प्रकारकी घोषणा की गई हो । मार्च २०२१ में उनका मस्तक काटकर लानेपर मुरादाबाद ‘बार एसोसिएशन’के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता अमीरुल हसन जाफरीने ११ लाख रुपएके पुरुस्कारकी घोषणा की थी ।
       यह प्रकरण कांग्रेसकी वास्तविकता उजागर करने हेतु पर्याप्त है और हिन्दुओं यदि अभी भी आपको कांग्रेस, भारत देशका, शुभचिन्तक दल लगता है तो ध्यान दें कि आप देशद्रोहियोंका सहयोग कर रहे है । वसीम रिजवीने समय रहते अपनी वास्तविकताका अभिज्ञान (पहचान) कर लिया; अतः अब जो हिन्दू अपने धर्मका त्यागकर अन्य पन्थोंमें धर्मान्तरित हो रहे है, वे रिजवीका उदहारण स्मरण रखकर ही निर्णय करें । अपने और परिवारको पतनकी ओर न धकेले ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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