बांग्लादेशमें पुनः हिन्दू मन्दिरपर आक्रमण, ब्रिटिशकालीन मन्दिरमें घुस कट्टरपन्थियोंने मां कालीकी मूर्तिको तोडा, मस्तकको आधा किलोमीटर दूर सडकपर फेंका


८ अक्टूबर, २०२२
        बांग्लादेशके झेनैदाह जनपदके दौतिया गांवमें एक ब्रिटिशकालीन एक काली मन्दिर है । शुक्रवार, ७ अक्टूबर २०२२ को कट्टरपन्थी मन्दिरमें घुसे और मूर्तिके मस्तकको तोड दिया और उसे ले जाकर लगभग आधा किलोमीटर दूर सडकपर फेंक दिया । इस मामलेमें अभीतक किसीको बन्दी नहीं बनाया गया है । उधर, ‘पुलिस’का कहना है कि वह घटनाकी जांच कर रही है ।
        मन्दिर समितिके अध्यक्ष सुकुमार कुंडाने बताया कि सवेरे ३-४ बजे आक्रमणकर्ता मन्दिरमें घुसे और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होनेके कारण बिना किसी भयके मूर्तियों को खण्डित कर गए । उन्होंने कहा कि इस आक्रमणमें किसी व्यक्तिको क्षति नहीं पहुंची है ।
       गत वर्ष भी दुर्गा पूजाके मध्य चांदपुर जनपदमें ‘भीड’ने हिन्दू मन्दिरपर आक्रमण कर मूर्तियोंको खण्डित कर दिया था । इसके साथ ही ३ लोगोंकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी ।
        मुसलमान बहुल बांग्लादेशमें कई वर्षोंसे हिन्दुओंको प्रताडित किया जा रहा हैं और उनकी आस्थापर भी निरन्तर आघात किए जा रहे हैं । उपर्युक्त प्रकरण उसका एक नूतन उदाहरण है; ऐसेमें भारत शासनको कठोरता दिखाते हुए ‘बांग्लादेशी’ प्रधानमन्त्री शेख हसीनासे, वह हिन्दुओं और उनकी आस्थाके रक्षण हेतु क्या पग उठा रही हैं ? इसका उत्तर मांगना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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