‘रायगढ’के उपरान्त अब कुलाबा दुर्गपर भी अवैध ‘मजार’, ‘सभी दुर्ग ‘इस्लामी’ अतिक्रमणसे मुक्त हों’, हिन्दू जनजागृति समिति
१३ जनवरी, २०२२
छत्रपति शिवाजी महाराजके ‘हिन्दवी’ स्वराज्यकी राजधानी ‘रायगढ दुर्ग’पर धर्मान्धोंने अनधिकृत प्रार्थना स्थलोंका निर्माण किया था, जो हिन्दू जनजागृति समितिके विरोधके पश्चात प्रशासनने हटा दिया । अब महाराजके आरमारके मुख्य केन्द्र कुलाबा दुर्गपर अवैध ‘मजार’ बनाकर उसे श्वेत रंग दिया गया है । ऐसे छोटे ‘मजारों’का रूपान्तरण ‘मजार’ व उसके उपरान्त ‘मस्जिद’में होता है । हमारे ऐतिहासिक स्थानोंपर अवैध अतिक्रमण करनेका यह धर्मान्धोंका षड्यन्त्र है । ‘राजे प्रतिष्ठान दुर्ग संवर्धन विभाग’ व हिन्दू जनजागृति समितिने जनपदाधिकारीसे मिलकर इसपर आपत्ति दर्शाई । भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग मुम्बई व रायगढके अधिकारी उस स्थानतक जाकर आए । सहायक पुरातत्व शास्त्रज्ञ श्रीमती फाल्गुनी काटकरने आश्वस्त किया कि दोषियोंपर उचित कार्यवाही होगी । आरमारके प्रमुख कान्होजी आंग्रेके वंशजने इसपर कुछ दिन पूर्व ही परिवाद प्रविष्ट किया था । हिन्दू जनजागृति समितिने प्रशासनसे कहा है कि यह अतिक्रमण त्वरित हटाया जाए, अन्यथा समूचे राज्यमें तीव्र आन्दोलन करेंगे ।
धर्मान्धोंद्वारा लगभग सभी हिन्दू दुर्गोंपर ऐसी ‘कब्रें’ बनाकर भूमि हडपनेका कार्य देखा गया है । देशके सभी दुर्गोंका निरीक्षणकर ऐसे अवैध निर्माण हटाए जाएं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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