फरवरी १०, २०१९
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्तीने एक वन क्षेत्रका नाम गुरूनानक देवजी रखनेके लिए पग उठानेको लेकर पाकिस्तानके प्रधानमन्त्री इमरान खानकी प्रसन्नता की; परन्तु केन्द्रपर कहा कि उसकी प्राथमकिता प्राचीन नगरोंके नाम परिवर्तन करना और अयोध्यामें राम मंदिर बनाना प्रतीत होती है । जम्मू कश्मीरकी पूर्व मुख्यमंत्रीने ट्वीट किया, ‘‘समय कैसे परिवर्तित होता है ! केन्द्रकी शीर्ष प्राथमिकता ऐतिहासिक नगरोंका नाम परिवर्तन करना और राम मंदिरका निर्माण प्रतीत होती है, वहीं दूसरी ओर, यह देखना हृदयको छू जाता है कि पाकिस्तानके प्रधानमन्त्रीने बालोकी वन क्षेत्रका नाम गुरूनानक जीपर रखने और उनके नामपर एक विश्वविद्यालय बनानेके लिए पग उठाए हैं ।’’ इमरानने एक समारोहमें कहा था, ‘‘बालोकी वन क्षेत्र और ननकाना साहिबमें एक नए विश्वविद्यालयकी स्थापना की जाएगी और इसका नाम बाबा गुरू नानकके नामपर रखा जाएगा । पाकिस्तान सभी नागरिकोंका है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि गुरूनानकजीकी ५५०वीं जयन्तीके लिए सिख श्रद्धालुओंकी यात्रा सुगम हो ।’’
“महबूबाजीको बताना चाहेंगें कि भारतमें जितने भी विश्वविद्यालयोंके मुस्लिम नाम हैं, उनमेंसे लगभग सभी आतंक समर्थक है, उसके पश्चात भी उन्हें चलने दे रहा है, क्या ये कम बडी बात है ? वास्तवमें तो हिन्दू विरोधी सभी मदरसों, विश्वविद्यालयों और मस्जिदोंको बन्द करना चाहिए; परन्तु सम्भवतः भारत ही विश्वमें प्रथम राष्ट्र है, जो आतंकियोंका ही पोषण कर रहा हो और ऐसेमें महबूबा सदृश राष्ट्रद्रोही नेता राष्ट्रविरुद्ध विष उगलते हैं, ऐसे लोगोंका स्थान राष्ट्रमें कदापि नहीं होना चाहिए; क्योंकि ये भीतर ही भीतर राष्ट्रको नष्ट करते हैं !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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