भगवान शिवकी खण्डित मूर्ति, शीश हटाकर वहां लगाया ‘आईएसआईएस’का ध्वज, कट्टरपन्थियोंका ‘कम्प्यूटरजनित’ निर्मम जिहाद
२४ नवम्बर, २०२१
आतङ्की संगठन ‘आईएसआईएस’की पत्रिका ‘वॉइस ऑफ हिन्द’के नूतन संस्करणमें भगवान शिवकी खण्डित प्रतिमा दर्शाते हुए लिखा है कि अब असत्य देवताओंके ध्वंसका काल आ गया है ।
कर्नाटकके कुमटासे ‘भाजपा’ विधायक दिनकर केशव शेट्टीने ध्यान दिलाया है कि यह मूर्ति कर्नाटकके मुरुदेश्वर देवालयके मूर्ति समान दिखाई देती है । उन्होंने गृहमन्त्रीको अवगत कराते कहा है कि मुरुदेश्वर मन्दिरकी अतिरिक्त सुरक्षा की जाए ।
‘आईएसआई’ समर्थक ‘अल किताल’ व ‘जुनुदल खिलाफत अलहिन्द’ने फरवरी २०२० से बांग्लादेशसे यह पत्रिका प्रकाशित करना प्रारम्भ किया है । इसका सम्पादन पाकिस्तानमें किया जाता है । जुलाई २०२१ में अनंतनागसे उमर निसार, तनवीर अहमद भट व रमीज अहमद लोनको युवाओंके मध्य जिहादी सामग्री वितरित करनेके आरोपमें ‘एनआईए’ने बन्दी बनाया है ।
अगस्त २०२१ में जुफरी जवाहर व अमीन जुहेब नामक आतङ्की बन्दी बनाए गए, जिनपर इस पत्रिकाके वितरण व प्रकाशन सम्बन्धी आरोप हैं ।
हमारे देवताओंकी प्रतिमाओंको खण्डित करनेकी योजनाओं युक्त यह धमकियां हैं । इनपर सभी हिन्दुओंको सतर्क होकर संज्ञान लेना आवश्यक है । अब समय आ गया है कि जब हम हिन्दू, जातिगत मतभेद त्यागकर, एकत्रित हों । हम एकत्रित होकर शक्तिशाली होंगे, तो ये जिहादी दुस्साहस नहीं कर सकेंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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