लता मंगेशकरकी मृत्युपर जिहादी कट्टरपन्थियोंने किया विष वमन, उन्हें बताया ‘स्वार्थी’, ‘मौकापरस्त’, व ‘गद्दारोंका गुणगान करनेवाली’
६ फरवरी, २०२२
जहां सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकरके निधनके पश्चात समूचे देश व विश्वमें संगीत प्रेमी लोग शोकमें है । वहीं कुछ असामाजिक तत्त्व ऐसे भी हैं, जो सामाजिक जालस्थलपर उनकी मृत्युपर अपनी प्रसन्नता व्यक्त कर रहे है एवं ‘हा-हा’ लिखकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं । ऐसे ही लोगोंमेंसे एक हैं हमदान अंसारी, जिसने ‘टि्वटर’पर, जब किसीने लता मंगेशकरकी आत्मा शान्तिके लिए प्रार्थनाके विषयमें ‘ट्वीट’ किया तो, अंसारीने हास्यवाले ‘इमोजी’ साझा किए एवं ‘ट्वीट’ करते हुए लिखा, “अल्लाहसे दुआ करो जहन्नुम जगह दे दे, किन्तु इसको तो वहांका भी नसीब नहीं लगता ।” इसके पश्चात एक अन्य ‘यूजर’ने उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’को ‘टैग’ करते हुए अंसारीके विरुद्ध उचित कार्यवाहीकी मांग की । वहीं ‘एनडीटीवी’ने जब लता मंगेशकरकी मृत्युसे सम्बन्धित समाचार साझा किया, तो मो. शाह आलम नामक व्यक्तिने अपना वक्तव्य साझा करते हुए लिखा, “वह एक अच्छी गायिका थी; परन्तु वह विवादोंमें घिरी रहती थीं । ‘मौकापरस्त’ और स्वार्थी चरित्रवाली थी । इन्होंने ‘गद्दारों’को महान बताया । तो ‘गद्दारों’को महान बतानेवाला महान कैसे हो सकता है ?” इसके अतिरिक्त अन्य ‘इस्लामी’ कट्टरपन्थियोंनें भी ‘फेसबुक’पर अपनी प्रतिक्रिया देकर महान गायिकाके निधनपर प्रसन्नता व्यक्त करते दृष्टिगत हो रहे थे ।
जिनके मनमें स्वयं इस प्रकारके राष्ट्रद्रोही विचार विराजमान हों, तो उन्हें अन्य भी अपनेसे ही प्रतीत होते हैं । ऐसे विषैले सर्प राष्ट्रके लिए कितने घातक हो सकते हैं, उक्त समाचारमें जिहादियोंकी विचारधारासे यह स्पष्ट होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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