सऊदी अरबके उपदेशकने पुनः किया विषवमन, कहा ‘काफिरों’की सहायता इस्लाममें ‘हराम’, अतः न जुडे भारतीय वायुसेनासे
११ नवम्बर, २०२१
‘इस्लामिक’ राष्ट्र सऊदी अरबके ‘इस्लामिक’ उपदेशक असीम अल हकीमने, २९ अक्टूबर २०२१ को ‘ट्विटर’पर एक ‘फोलोवर्स’के प्रश्नका उत्तर देते हुए कहा कि मुसलमानोंको भारतीय वायुसेनामें सम्मिलित होनेकी आज्ञा नहीं है । ‘इस्लामिक मौलाना’ने इसका कारण नहीं बताया । समाचारके अनुसार, हलाल मगुइरके नामके ‘टि्वटर’ ‘यूजर’ने यह प्रश्न पूछा था कि क्या हम एक वायुयानचालकके (पायलटके) रूपमें भारतीय वायुसेनामें सम्मिलित हो सकते हैं ? इसका उत्तर उपदेशकने नहीं बताया । वहीं इसी क्रममें असीमके ‘ट्वीट’का संज्ञान लेते हुए, एक अन्य ‘ट्विटर’ ‘यूजर’ने इसपर बताया कि ‘कुरान’के चौथे अध्यायमें कहा गया है कि ‘शैतान’के मार्गमें लडते हो तो निश्चित ही ‘शैतान’को माननेवालोंसे भी लडों, उनकी रणनीति क्षीण है । विश्वके प्रमुख धार्मिक नेताओंमें से एक नसीम है और वह दूरदर्शन और ‘रेडियो’के माध्यमसे अरबी व अंग्रेजी भाषामें कार्यक्रम संचालित करता है । वहीं असीमका विवादोंसे भी पुराना सम्बन्ध है । इसी वर्ष अक्टूबर माहमें उसने एक भारतीय व्यक्तिको अपनी पत्नीको केवल इसलिए ‘तलाक’ देनेका सुझाव दिया था; क्योंकि उसकी पत्नीने हिन्दुओंके पर्व नवरात्रको मनाया था ।
उक्त उपदेशकको अपने अनुयायियोंको केवल भारतीय वायुसेनासे ही नहीं; अपितु भारत जैसे हिन्दुओंके देशसे भी निकल जानेका आदेश देना चाहिए; क्योंकि उनकी दृष्टिमें यह भूमि उनके अनुकूल नहीं है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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