‘हिरा इस्लामिक विद्यापीठ’ने तिरुपतिके जल क्षेत्रपर अवैध निर्माणकर अतिक्रमण किया, आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालयने हटानेका दिया आदेश
११ जनवरी, २०२२
थोंडावाडा, तिरुपतिके जल क्षेत्रपर अतिक्रमणकर ‘हिरा इस्लामिक विद्यापीठ’द्वारा किया अवैध निर्माण कार्य हटानेका आदेश आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालयने दिया है । इस अतिक्रमणके विरोधमें एक स्थानीय नागरिक थुम्मा ओंकारने अभियोग प्रविष्ट किया था । अतिक्रमित भूभाग ‘बफर जोन’ (संरक्षित विभाग) है ।
उल्लेखनीय है कि भूतकालमें प्रशासकीय अधिकारियोंने हिरा इस्लामिक विद्यापीठको अनेक आदेश दिए थे; परन्तु राजनीतिक हस्तक्षेपके कारण इसपर कार्यवाही नहीं हुई । इस प्रकरणका दमन करनेके लिए सभी राजनीतिक दलोंके महत्त्वपूर्ण नेताओंको पैसे दिए गए हैं, ऐसी चर्चा लोगोंके मध्यमें है । न्यायालयके आदेशानुसार इस स्थानपर हुआ निर्माण कार्य हटाना होगा । प्रशासनिक अधिकारी कोई भी पूर्व सूचना दिए बिना यह निर्माण कार्य हटा सकते हैं ।
राक्षसी वृत्तिके जिहादियोंसे पोषित कलियुगी संगठन परस्त्री, धन, भूमि व समस्त भौतिक व प्राकृतिक सम्पदापर येनकेन प्रकारेण अतिक्रमणकर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं । इनकी कुदृष्टि अब भी हिन्दुओंके तीर्थोंपर है; अतः इनका विरोध अब अपरिहार्य हो गया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
Leave a Reply