उत्कोच (रिश्वत) लेनेकी घटनामें जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालयके व्याख्याता महम्मद खालिद मोइन बन्दी
१८ मार्च, २०२२
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालयके स्थापत्य (सिविल) अभियान्त्रिकी विभागके व्याख्याता महम्मद खालिद मोइनको १ लाख रुपए उत्कोच लेनेकी घटनामें केन्द्रीय अन्वेषण विभागने (सी.बी.आई.ने) १६ मार्चको बन्दी बनाया है । इस घटनामें महम्मद खालिद मोइनके दो साथी आबिद खान तथा प्रखर पवारको भी ‘सीबीआई’ने बन्दी बनाया है । वे दोनों अपराधी नयी देहलीके ओखला स्थित एक निजी संस्थानमें कार्यरत हैं ।
व्याख्याता महम्मद खालिद मोइन अनेक निजी निर्माण व्यवसायियों, वास्तुविशारद तथा मध्यस्थोंकी ‘मिलीभगत’से अनेक प्रकारकी ‘धोखाधडी’की कार्यवाहियोंमें सहभागी थे । वे उत्कोच लेकर निर्माण प्रकल्पोंको मिथ्या प्रमाणपत्र देते थे । ‘सीबीआई’ने जाल (ट्रैप) निरन्तर उत्कोच लेते हुए उन्हें रंगे हाथ पकडा, ‘सीबीआई’के प्रवक्ता आर.सी.जोशीजीने ऐसी जानकारी दी ।
जिहादी किसी भी कार्य क्षेत्रमें हो, जीवनके चारों पुरुषार्थों धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष; इन चारोंको विकृत ही करते आ रहे हैं । हिन्दू राष्ट्रमें प्रत्येक जीवके मनमें योग्य साधनाके संस्कार अंकित होनेसे जीवनके सर्व क्षेत्रोंमें परिपूर्णता व सामंजस्य होगा; विश्वके प्रत्येक समाजसे अपराधी प्रवृत्ति स्वतः ही लुप्त होगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
Leave a Reply