हूरों’को सुन्दर लगे; इसलिए ‘शेव’ कराकर भारतमें घुस रहा आतङ्की पकडा गया, भारतीय ‘पोस्ट’ उडाने ‘पाकिस्तानी’ सेनाने भेजा था
२५ अगस्त, २०२२
‘पाकिस्तानी’ सेनाने आतङ्की तबरक हुसैनको आत्मघाती उद्देश्यसे पुनः भारत भेजा है । आतङ्की तबरक २१ अगस्त २०२२ को भारतमें घुसपैठके लिए नियन्त्रण रेखापर तार काट रहा था । उसके साथ ४-५ और आतङ्की भी थे । भारतीय सैनिकोंद्वारा ‘फायरिंग’में तबरकको गोली लग गई और वह पकडा गया । उसके साथी आतङ्की भागनेमें सफल रहे । उसका उपचार किया जा रहा है । पूछताछमें उसने बताया है कि ‘पाकिस्तानी’ सेनाके ‘कर्नल’ युनूसने उसे और उसके साथियोंको आत्मघाती उद्देश्यसे भारत भेजा था । भारतीय सेनापर आक्रमण करनेके लिए ३० सहस्र रुपए भी दिए गए थे ।
उसने बताया है कि ‘पाकिस्तानी’ सेना लोगोंको भारतीय सीमामें घुसनेके लिए उकसाती है, उनका ‘ब्रेनवॉश’ किया जाता है । धनका लोभ दिया जाता है । घुसपैठके लिए जो सिद्ध नहीं होते उनके साथ ‘पाकिस्तानी’ सेना दुर्व्यवहार करती है । भारतमें प्रवेश होनेसे पूर्व तबरकने तनको ‘शेव’ कराया था । नख कटवा लिए थे । वह चाहता था कि जब वह ‘हूरों’से मिले तो सुन्दर दिखे ।
इस प्रकरणसे हिन्दुओंको यह सीखना चाहिए कि जो विक्षिप्त, ‘हूरों’के लिए, आपको मारकर, मर सकते हैं, वे कितने घातक होंगे ! वहीं, मुसलमानोंको यह समझना चाहिए कि यदि कथित ‘काफिरों’को मारनेसे ‘हूरें’ मिलती हैं, तो उनको यह ज्ञान देनेवाले क्यों नहीं मरते हैं ? – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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