‘मेरी पुलिसमें खूब चलती है’, ‘हिस्ट्रीशीटर’ इकबालने शैलेश बन लडकीको फंसाया, असराजके साथ मिल किया सामूहिक दुष्कर्म


१३ अक्टूबर, २०२१
      राजस्थानके कुचामनमें एक ‘कोचिंग’ जानेवाली छात्राके साथ दुष्कर्मके प्रकरणमें ‘पुलिस’ने २ आरोपितोंको पकडा है । इनमेंसे एकका नाम असराज है और दूसरेका नाम इकबाल पता चला है । ‘पुलिस’ने जांचमें पाया कि लडकीसे दुष्कर्म करनेवाला इकबाल क्षेत्रका ‘हिस्ट्रीशीटर’ है, जिसने अपना अभिज्ञान (पहचान) शैलेश बता रखा था । इस समूचे प्रकरणमें (राजस्थान ‘पुलिस’की भूमिका भी सन्दिग्ध पाई गई है । कहा जा रहा है आरोपितका ‘पुलिस’के साथ निकटता थी । उसने पीडिताको बताया भी हुआ था कि उसकी ‘थाने’में अत्यधिक चलती है ।
      घटनामें पीडित पक्षने बताया कि उनकी बेटी नगरमें एक संस्थानपर पढनेके लिए जानेका कहकर घरसे निकली थी; किन्तु सन्ध्या समय कुचामन नगरके विश्रामालयके निकट अचेत अवस्थामें गिरी हुई मिली, जब उसे घर लाया गया तो वह चेतनामें नहीं थी । पीडिताने अपने घरवालोंको बताया कि उसे ‘शैलेश’ अग्रवाल और असराज वाहनमें ले गए थे और ‘कोल्डड्रिंक’में कुछ मिलाकर पिला दिया । वह चेतनामें नहीं थी तो उसे ‘सीट’पर लिटाया गया और जब चेतनामें आई तो उसकी अवस्था बिगडी थी । पीडिताके घरवालोंने घटनामें अपहरण और दुष्कर्मका आरोप मढा । साथ ही कहा कि आरोपितोंने उसका दृश्यपट भी बनाया है ।
      ६ अक्टूबरको लडकीके साथ दुष्कर्म किया गया । मुख्य आरोपितके विषयमें बता दें कि वह ‘स्पा’ चलाता था और दूसरा आरोपित नृत्य प्रशिक्षक था । दूसरी ओर जांचमें पता चला कि शैलेशका नाम इकबाल है, जो क्षेत्रका कुख्यात अपराधी है और पूर्वसे कई अभियोगोंमें आरोपित है । पीडित पक्षका कहना है कि उनकी बेटीका दूरभाष (फोन) खो गया था। ऐसेमें नृत्य सिखानेवाले असराजने उसे इकबालसे बात करनेको कहा और बोला कि उसकी ‘पुलिस’में अत्यधिक चलती है, वह  भ्रमणभाष (मोबाइल) ढूंढवा देगा ।
     निधर्मी सत्ताधारी नेताओंके चाटुकार पुलिसवालों के संरक्षणमें, ऐसे अपराधी फल-फूल रहे हैं । निश्चित रूपसे समाजमें फैले अराजकताका मूल निधर्मी राजनेता और पुलिस प्रशासन ही है । यह सब शीघ्र नष्ट हो, इस हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना होनी आवश्यक है; अतः हिन्दुओ, सङ्गठित हो प्रयासरत रहें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution