उत्तर प्रदेशके बिजनौरसे महाविद्यालयके बाहर ‘बुर्का’ पहनकर लडकियोंका दुष्कर्म करनेवाले धर्मान्धको बनाया गया बन्दी
१४ मार्च, २०२२
नजीबाबादके एक महाविद्यालयके बाहर ‘बुर्का’ पहनकर लडकियोंको छेडनेवाले सुहेल नामके एक युवकको लोगोंने पकडकर ‘पुलिस’को सौंप दिया । ‘बुर्का’ पहननेके कारण ‘पुलिस’ भी युवकको पहले लडकी समझ रही थी । इसके पश्चात उसका पुरुष स्वर सुनकर ‘बुर्का’ उतरवाया गया । तब ‘बुर्के’में युवक होनेका उजागर हुआ है । वह गत ३ दिनोंसे ‘बुर्का’ एवं ‘मास्क’ पहनकर नियमित लडकियोंको छेडता था । उसने ‘बस’में लडकियोंसे दुष्कर्म किया । इसके पश्चात कुछ लोगोंने उसे पकडकर ‘पुलिस’को सौंप दिया ।
इस घटनाके पश्चात ‘बुर्के’का प्रयोग आतङ्कवादी कार्यवाहियों, अपराध और अब लडकियोंको छेडनेके लिए किए जानेका उजागर होनेके पश्चात अब तो देशमें सार्वजनिक स्थानोंपर ‘बुर्के’पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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