मथुरामें धर्मान्धोंने हिन्दू महिलाओंको ‘ईदगाह’के निकट शीतला माताकी पूजा करनेसे रोका
२६ मार्च, २०२२
भगवान श्रीकृष्णकी नगरी मथुरामें बुधवार, २३ मार्च २०२२ को धर्मान्धोंने हिन्दू महिलाओंको ‘बासौडा पूजा’ करनेसे रोक दिया । लगभग २०-२५ हिन्दू महिलाएं प्राचीन रीतिके साथ शीतला माताकी पूजा करनेके लिए ‘ईदगाह मस्जिद’के कुएंके निकट आई थीं; किन्तु हिन्दू महिलाओंको वहां देख धर्मान्धोंकी ‘भीड’ने ‘मस्जिद’के पास ‘भीड’ लगानेका आरोप लगाकर बवाल खडा कर दिया । इसके पश्चात हिन्दुओं और मुसलमानोंके मध्य झडपें भी हुईं ।
‘पुलिस’ने मुसलमानोंको इस पूजाके विषयमें समझाया; किन्तु कोई लाभ नहीं हुआ । मुसलमान समझनेको सिद्ध ही नहीं थे । स्थिति बिगडते देख ‘पुलिस’ने प्रान्तीय सशस्त्र बलको इसकी जानकारी दी । भारी संख्यामें ‘पुलिस’ बलकी नियुक्तिके मध्य महिलाओंने शीतला माताकी पूजा-अर्चना की । महिलाएं अनेक वर्षोंसे इसी कुएंमें बसौडा पूजा करती थी और दूसरे अनुष्ठान भी यहां किए जाते रहे हैं ।
धर्मान्ध, हिन्दू स्त्रियों व अन्य पन्थकी स्त्रियोंके साधना पद्धति व श्रद्धामें सदैवसे ही विघ्न डालते आ रहे हैं, जो असह्य है । अब श्रीकृष्ण जन्मभूमिके सम्पूर्ण क्षेत्रको मुक्त करानेका आन्दोलन, हिन्दुओंको चलाना चाहिए, जिससे आगे ऐसी कोई घटना न हो । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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