हिन्दू ध्वजको उखाडकर फेंकनेवाले जिहादी अब कवर्धाके दुर्गा पण्डालोंमें लगा रहे हैं भगवा ध्वज


११ अक्टूबर, २०२१
         कवर्धा जनपदमें मुसलमान जनसमूहद्वारा हिन्दुओंकी पिटाई और भगवा ध्वजको उतारकर फेंकनेका प्रकरण अभी कुछ दिवस पूर्व ही उजागर हुआ था । इस प्रकरणके कारण सम्पूर्ण जनपदमें एक सप्ताहसे अधिक समयतक स्थितियां असामान्य रही थीं । अब अन्तरजाल सेवाएं धीरे-धीरे आरम्भ हो गई है व हाट भी खुलने लगे हैं; परन्तु अब चकित करनेवाली बात यह है कि मुसलमान समुदायके लोग दुर्गा पूजा पण्डालोंमें पहुंच रहे हैं और भगवा ध्वज व तोरण लगाते दृष्टिगत हो रहे हैं ‌। जहां ध्वजके कारण जनपदमें हिंसा भडकी थी व धारा १४४ लागूकी गई थी तथा हिन्दुओंको दोषी मानकर ‘पुलिस’ने उल्टा हिन्दू युवकोंकी ही पिटाई की थी । वहीं अब मुसलमानोंकी यह नीति लोगोंमें असमंजसकी स्थिति उत्पन्न कर रही है । पंडरिया नगर क्षेत्रमें मुसलमानोंने पुराने ‘बस स्टैंड’के निकट स्थित दुर्गा पूजा पण्डालमें ‘श्री पुष्पांजलि दुर्गा उत्सव समिति’में पहुंचकर हिन्दुओंको नवरात्रकी बधाई दी और उनके बच्चे भगवा ध्वज लगाते दृष्टिगत हुए । पूर्वके प्रकरणमें १००० लोगोंके विरुद्ध छत्तीसगढ ‘पुलिस’ने प्राथमिकी प्रविष्टकी थी तथा सामाजिक जालस्थलोंसे कुछ दृश्यपट भी हटाया गया थे । उल्लेखनीय है कि जब हिन्दू ध्वजको उखाडकर फेंका जा रहा था और जनसमूह उसका निरादर कर रहा था, तो वहां उपस्थित ‘पुलिसकर्मी’ भी इस प्रकरणको मूक दर्शकोंके समान देख रहे थे ।
       जिस प्रकार तेल व जलका मिलन असम्भव है । उसी प्रकार जिहादियोंका हिन्दुओंके प्रति यह प्रेम वर्तन सभीको अचम्भित करता है । अब क्षेत्रोंके निवासियोंको ही सतर्क होकर इस षड्यन्त्रपर उचित दृष्टि रखनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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