जीतेंद्र नारायण त्यागी उपनाम वसीम रिजवी हरिद्वारसे बन्दी बनाए गए, धर्म-संसद प्रकरणमें गुलबहार खानने किया था उत्तराखंडमें परिवाद


१४ जनवरी, २०२२
      उत्तराखंडके हरिद्वारमें हुई धर्म-संसदमें ‘भडकाऊ’ भाषण देनेके प्रकरणमें जीतेंद्र नारायण त्यागी पूर्व नाम वसीम रिजवीको उत्तराखंड ‘पुलिस’ने बन्दी बना लिया है । उन्हें हरिद्वारके नारसन सीमासे बन्दी बनाया गया । रिजवी हरिद्वार नगर कोतवाली लेकर आई है । इसी मध्य उनके समर्थनमें कोतवालीमें जनसमूह एकत्रित होना आरम्भ हो गया है ।
      उल्लेखनीय है कि हरिद्वार निवासी गुलबहार खानने ही ‘पुलिस’में परिवाद किया था । इस परिवादमें यह आरोप लगाया गया था कि वसीम रिजवीने, जो अब जितेंद्र नारायण त्यागीके नामसे जाने जाते हैं, कुछ अन्य लोगोंके साथ मिलकर ‘पैगम्बर मोहम्मद’ और उनके अनुयायियोंके विरुद्ध अनुचित वक्तव्य दिया है । यह एक षड्यन्त्र है । आरोपितोंने इन वक्तव्योंको सामाजिक जालस्थलपर भी साझा किया है । यह धर्म संसद खडखडी स्थित वेद निकेतनमें ७ से १९ दिसम्बर २०२१ के मध्य आयोजित हुआ था ।
      विदित हो इस प्रकरणमें उनके विरुद्ध ‘पुलिस’ने धारा १५३ (ए) के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया था ।
       जो लोग अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताके पक्षधर हैं, वे अभी भी मौन हैं ? क्या जीतेंद्र नारायणको यह अधिकार नहीं है कि वे अपनी बात रख सकें ?  इससे प्रमाणित होता है कि हिन्दुओंके विरुद्ध कितनी शक्तियां एकत्रित हैं ? इस तथ्यको सभी हिन्दू शीघ्रतासे समझ लें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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