जून ११, २०१८
‘रानीकी सराय’ थाना क्षेत्रमें सोमवार दोपहर ८५ वर्षीय वृद्ध महिला जीवित रहते हुए अपनी तेरहवीं करवा रही थीं ! त्रयोदशाह संस्कारके लिए भोजन बनाते समय ‘गैस सिलेंडर’में रिसावसे आग लग गई, जिसमें वृद्ध महिलाकी मृत्युके साथ उसकी पुत्रवधू सहित अन्य पांच लोगोके प्राण भी चले गए । सभीकी मृत्युका कारण दम घुटना बताया जा रहा है । एक किशोरीकी स्थिति गम्भीर होनेपर उसे जिला चिकित्सालयमें भर्ती कराया गया है । दुर्घटनाके बारेमें समाचार मिलते ही आघात लगनेसे बुजुर्ग महिलाके ६० वर्षीय देवरकी भी मृत्यु हो गई ।
कोटवां चकबंगाली गांव निवासी महेन्द्र रामकी मां रामताजी देवीका जीवित होनेके बाद भी त्रयोदशाह संस्कारका आयोजन था । भण्डारेमें सम्मिलित होनेके लिए उनके सम्बन्धी भी आए थे । दोपहर लगभग सवा एक बजे घरके समीप स्थित एक कक्षमें भोजन बन रहा था । निकटवर्ती लोगोंका कहना है कि इस मध्य ‘टिन शेड’में रखे ‘गैस सिलेंडर’में रिसावसे एकाएक आग लग गई ! इसके बाद सभी महिलाएं निकटके एक कक्षमें भागकर चली गईं और द्वार अन्दरसे बन्द कर लिया ।
आग कक्षके बाहर चारों ओर फैल चुकी थी ! इससे कक्षके अन्दर उपस्थित रामताजी देवी, उनकी पुत्रवधू ४८ वर्षीय कविताके अतिरिक्त सम्बन्धी ५५ वर्षीय तारा देवी, ४४ वर्षीय अनीता व उनकी दो वर्षीय नातिन अराध्याके साथ ही सम्बन्धियोंमें आई पांच वर्षीय बच्ची अञ्जलिकी भी दम घुटनेसे मृत्यु हो गई ! महेन्द्रकी १७ वर्षीय पुत्री पुष्पांजलिकी स्थिति गम्भीर होनेपर उसे जिला चिकित्सालयसे वाराणसीके लिए भेज दिया गया है । अग्निशमन दलके कर्मियोंने ग्रामीणोंकी सहायतासे आगपर नियन्त्रण पाया ।
घरवालोंका कहना है कि रामताजी देवीने गुरुमुख होनेके बाद जीवित ही अपनी तेरहवीं करवानेकी इच्छा पुत्रोंसे बताई थी । उसीके उपलक्ष्यमें त्रयोदशाह कार्यक्रमका आयोजन किया गया था ।
स्रोत : दैनिक जागरण
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