‘क्या गांधीने एक लाठी भी खाई ? शिवाजी, प्रताप, चाणक्यको बनाओ राष्ट्रपिता ’: प्राथमिकीपर बोले कालीचरण महाराज, “फांसी दे दो, क्षमा नहीं मांगूंगा ।”
२९ दिसम्बर, २०२१
कालीपुत्र कालीचरण महाराजने रायपुर धर्मसंसदमें महात्मा गांधीके विरुद्ध वक्तव्य देनेपर स्पष्टीकरण दिया है । अपने ‘यूट्यूब चैनल’पर प्रसारित किए गए ‘वीडियो’में उन्होंने कहा है कि महात्मा गांधीके लिए कहे गए अपशब्दोंका उन्हें कोई पश्चाताप नहीं है । उन्होंने पूछा कि महात्मा गांधीने हिन्दुओंके लिए किया ही क्या है ? उन्होंने बताया कि किस प्रकार १४ मत प्रधानमन्त्री पदके लिए सरदार वल्लभभाई पटेलको मिले; किन्तु शून्य मतवाले जवाहरलाल नेहरूको प्रधानमन्त्री बनाकर उन्होंने वंशवाद फैलाया । इसके अतिरिक्त भी उन्होंने उन विसंगतियोंपर ध्यान दिलाया, जो गया गांधीके माध्यमसे फैलाई गईं ।
वामपन्थी समाचार संस्थानोंका और तथाकथित बुद्धिजीवी, धर्मनिरपेक्षताका ऐनक पहने लोगों एवं विपक्षी राजनेताओंका ‘दोगलापन’ देखिए कि आप विपक्षमें हैं या विधर्मी हैं तो पूर्व या वर्तमान शासनाध्यक्षोंको अपशब्द कह सकते हैं, हिन्दू देवी-देवताओंका अपमान कर सकते हैं और इसके विरुद्ध कार्यवाही हुई तो अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताका रोना रो देंगे । साथ ही झूठका पहाड खडा कर देंगे । यदि किसीने तथाकथित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जिसका राष्ट्रपिता जैसे किसी सम्मानका कोई आधिकारिक उल्लेख नहीं हैं, उनके विरुद्ध कुछ बोल दिया तो वामपन्थी एवं विदेशी समाचार संस्थान सिर पीट-पीटकर कार्यवाहीके लिए कहेंगे । हिन्दू इस सत्यको समझें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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