कानपुर हिंसाके पश्चात मुख्यमन्त्री योगीने १५ दिवसोंमें अवैध धार्मिक ढांंचोंका अभिज्ञान करनेका दिया निर्देश, ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’की भूमिकाकी जांच
०४ जून, २०२२
उत्तर प्रदेशके कानपुरमें शुक्रवार, ३ जून २०२२ को ‘नमाज’के पश्चात की गई हिंसाके प्रकरणमें प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथके तेवर कठोर हो गए हैं । उन्होंने सार्वजनिक स्थानोंपर बनाए गए अवैध धार्मिक ढांंचोंका १५ दिवसोंके भीतर अभिज्ञान करनेके लिए ‘रिपोर्ट’ देनेका निर्देश दिया है ।
‘भाजपा’ नेता नुपुर शर्माद्वारा इस्लामके ‘पैगम्बर’ मुहम्मदके कथित अपमानको लेकर फैलाई गई इस हिंसामें कट्टरपन्थी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’की भूमिकापर सन्देह जताया जा रहा है । कानपुरकी हिंसामें अबतक ३ प्राथमिकियां प्रविष्ट की गई हैं और ३६ लोगोंको बन्दी बनाया जा चुका है, जबकि अन्य लोगोंके अभिज्ञानकी प्रक्रिया चल रही है ।
‘पीएफआई’ समेत देशमें स्थित अधिकांश इस्लामिक संस्थाएं सन्दिग्धतामें लिप्त हैं; इसमें कोई दो मत नहीं है । हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनासे सर्वत्र दिव्य व श्रेष्ठ मनुष्य बल होनेसे ऐसी संस्थाएं जन मानसको स्वतः ही निरर्थक प्रतीत होगी एवं स्वतः ही सभी देश विरोधी इस्लामिक, ईसाई संस्थाएं ठप हो जाएंंगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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