फरवरी २०, २०१९
कर्नाटक स्थित हम्पी नगर ‘यूनेस्को’के विश्व धरोहर स्थलोंमेंसे एक है । अभी गत दिवसोंमें ही यहांपर उपद्रवियोंद्वारा मचाए गए उत्पातका एक वीडियो प्रसारित हुआ था । इस वीडियोमें १४वीं शताब्दीके विष्णु मंदिरके खम्भेको तोडते हुए ४ लोगोंको देखा गया था और तो और खंभोंके टूट जानेके पश्चात उपद्रवियोंद्वारा उसका प्रचार भी किया गया था ।
कर्नाटकके हम्पी स्थित विष्णु मंदिरके खम्भे गिरानेके चार आरोपियोंको उच्च न्यायालयने एक विचित्र दण्ड सुनाया । न्यायालयने चारोंपर ७० सहस्र रुपयोंका अर्थदण्ड तो लगाया ही, साथमें उन खम्भोंको पुनः खडा करनेका भी निर्देश दिया ।
बता दें कि दण्ड सुनानेके पश्चात चारो आरोपियोंको उसी स्थानपर ले जाया गया, जहां हम्पीमें विष्णु मन्दिर है । उस स्थान ले जाकर आरोपियोंसे खंभोंको खडा करवाया गया और वहां उनसे स्वच्छता भी करवाई गई । खम्भे गिराने के आरोपमें जिन चार आरोपियोंको पकडा गया था, उनमें – आयुष (मध्य प्रदेश) और बिहारके राजा बाबू चौधरी, राज आर्यन और राजेश कुमार चौधरी सम्मिलित हैं । पुलिसके अनुसार इन सभीको आठ फरवरीको पकडा गया था ।
“चारों आरोपी हिन्दू हैं, इससे स्पष्ट बोध होता है कि आज माता-पिता अपने बच्चोंको धर्म संस्कार नहीं देते हैं, जिसका दण्ड अब उन्हें भोगना है । माता-पिता बच्चोंको सजना-संवरना, मैकॉले शिक्षण आधारित पुस्तकें पढना व धन अर्जित करनेकी सभी बातें सिखाते हैं; परन्तु धर्मकी एक भी नहीं, जिसके कारण बालक संस्कारहीन होकर कुलनाशक अथवा राष्ट्रको नष्ट करनेवाला बनता है; अतः अब मूलसे ही स्वच्छताकर धर्मके बीज रोपना आवश्यक है “!”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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