जहां अभी ‘हिजाब’ विवाद, वहां २ माह पूर्व मुसलमानों  हिन्दुओंका किया था बहिष्कार, गोहत्याके विरुद्ध प्रदर्शनसे थे असन्तुष्ट


६ फरवरी, २०२२
      कर्नाटकके उडुपी जनपदमें ‘हिजाब’ पहनकर विद्यालयमें जानेकी अनुमतिको लेकर मुसलमान छात्राएं प्रदर्शन कर रही हैं । वहीं, कुछ माह पूर्व उडुपी जनपदके कुंडापुरमें मसलमानोंने हिन्दुओंसे मछली क्रय करनेका बहिष्कार कर दिया था; क्योंकि उन्होंने गोहत्या और मवेशी चोरीके विरुद्ध शान्तिपूर्ण विरोध प्रदर्शनोंमें भाग लिया था ।
      ‘मीडिया’ समाचार संस्थानोके प्रतिवेदनके अनुसार, १ अक्टूबर २०२१ को हिन्दू जागरण मंचद्वारा तालुकके गंगोलीमें पशु चोरी और गोहत्याके विरुद्ध बडे स्तरपर विरोध प्रदर्शन किया गया था । प्रदर्शनमें मछुआरे, मछली विक्रेता और महिलाओं सहित कई सहस्र लोगोंने भाग लिया था । इसके पश्चात क्षेत्रमें रहनेवाले मुसलमानोंने गंगोली विपणिसे मछली क्रय करनेका बहिष्कार कर दिया था । इतना ही नहीं, लोगोंको भी हिन्दू मछली विक्रेताओंसे मछली नहीं क्रय करनेके लिए उकसा रहे थे ।
      ‘भाजपा’ बिंदूर मण्डलके पिछडा वर्ग ‘मोर्चा’ने इस घटनाकी निन्दा की थी । उस मध्य विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दलने गंगोली बंदरगाहसे मछली क्रय करनेका बहिष्कार करनेवाले मुसलमानोंका कठोर विरोध जताते हुए कहा था, गंगोलीमें मछली विक्रय करनेवाले मछुआरोंके साथ अन्याय किया जा रहा है, उन्हें बिना किसी कारणके लक्ष्य बनाया जा रहा है । मुसलमानोंको हिन्दू विक्रेताओंसे मछली क्रय करनेसे रोका जा रहा है; क्योंकि उन्होंने गोहत्याके विरुद्ध शान्तिपूर्ण विरोध प्रदर्शनमें भाग लिया था ।
      ‘विहिप’ नेताने कहा था, कई सहस्र वर्षोंसे इस समुदायद्वारा देशमें बहिष्कारको षड्यन्त्रके अन्तर्गत एक शस्त्रके रूपमें प्रयोग किया जाता रहा है । षड्यन्त्र है कि हिन्दुओंको देशसे पृथक कर दो । इस विशेष समुदायने अबतक हमारे साथ होनेका दिखावा करके हमारा विश्वास जीता, किन्तु अब अकस्मात यहांके व्यापारियोंको कुचलनेका प्रयास करने लगा है ।
       शिक्षाका ‘तालिबानीकरण’ नहीं होना चाहिए । बहिष्कार जिहादी ‘सोच’का यह एक षड्यन्त्र है, जिसे रोकनेके लिए कर्नाटककी शासन कठोर पग उठाए । ऐसी हमारी अपेक्षा है । ‘तालिबानी’ ‘सोच’से सर्वथा मुक्तिके लिए भारत शासनको चाहिए कि सम्पूर्ण देशमें समान नागरिक संहिता अतिशीघ्र क्रियान्वित करे, जिसमें सभीके अधिकार और कर्तव्य समान हों । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution