‘हिजाब’ पहननेपर अडी २४ छात्राओंको विद्यालयने किया निलम्बित, कर्नाटकके उप्पिनंगडीका प्रकरण


०९ जून, २०२२
       कर्नाटकमें ‘हिजाब’ पहनकर आनेपर २४ छात्राओंका निलम्बित कर दिया गया है । प्रकरण मेंगलुरुके ‘गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड कॉलेज’, उप्पिनंगडीका है । छात्राओंपर कार्यवाही मंगलवार ७ जून २०२२ को की गई । इन छात्राओंको शनिवार, ११ जून २०२२ तकके लिए निलम्बित किया गया है । विद्यालयमें परिधान-संहिताका पालन करनेका आदेश दिया गया है, किन्तु इसके उपरान्त भी इन छात्राओंने ‘हिजाब’ पहनकर आना बन्द नहीं किया । इसके पश्चात विद्यालयने यह कार्यवाही की है ।
      ‘कॉलेज डेवलपमेंट कमेटी’ने कहा कि छात्राओंको परिसर और कक्षाओंमें ‘हिजाब’ पहननेकी अनुमति नहीं है । विद्यालयके एक अधिकारीने कहा, “सीडीसी और उच्च न्यायालयके आदेशके उपरान्त भी छात्राओंने परिधान-संहिताके नियमोंका कई बार उल्लङ्घनकर विद्यालयमें अनेक समस्याएं खडी की हैं । शिक्षकोंने उन्हें समझानेके पर्याप्त प्रयास किए हैं; परन्तु वह सुननेको ‘तैयार’ नहीं थीं । अन्तमें विद्यालयके प्रधानाचार्यने सभी शिक्षकोंसे परामर्श किया और छात्राओंको चार दिनोंतक कक्षाओंसे दूर रखनेका निर्णय किया ।” ‘सीडीसी’ने स्पष्ट रूपसे कहा है कि कक्षाओं और परिसरमें ‘हिजाब’की अनुमति नहीं होगी । यदि छात्राएं तब भी नियमोंका उल्लङ्घन करती हैं, तो हमारे पास कठोर कार्यवाही करनेके अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं होगा ।
      अधिकारीने कहा, “हमने अनेक बार अभिभावकोंको विद्यालयमें बुलाया और उन्हें परिधान-संहितासे जुडे नियमोंके बारेमें बताया ।” यद्यपि ‘सीडीसी’के निर्णयसे माता-पिताको कोई समस्या नहीं हुई; किन्तु छात्राएं ‘हिजाब’ पहननेपर अडी हुई थी । परिधान-संहिताका पालन करनेकी आवश्यकताके बारेमें छात्रोंको समझानेका प्रयासकर शिक्षक थक गए हैं ।
      कर्नाटककी यह छात्राएं अपनी जिहादी सोचसे बाहर आनेको ‘तैयार’ नहीं हैं और न ही वह विधानको माननेके लिए ‘तैयार’ हैं । छात्राओंकी यह सोच इनके अभिभावकोंके कारण ही बनी है । देशको धार्मिक कट्टरतारूपी जिहादसे बचानेके लिए विद्यालय प्रशासनका यह निर्णय स्वागत योग्य ही है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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