* मासिक धर्मके लिए : मासिक धर्मके मध्य पीडासे विश्राम पानेके लिए भी केले खानेके लाभ देखे गए हैं । एक शोधके अनुसार, शरीरमें ‘पोटैशियम’की न्यूनतासे शरीरमें ऐंठनकी समस्या हो सकती है । केलेमें ‘पोटैशियम’ होता है, जो मासिक धर्मके समय पेटकी ऐंठनसे बचानेके कार्यमें सहायता करता है । केला ‘विटामिन-B6’से भी समृद्ध होता है, जो विशेषकर महिलाओंके लिए महत्त्वपूर्ण माना गया है । ‘विटामिन-B6’ मासिक धर्मको सरल बनानेमें उपयोगी है ।
* कीटद्वारा काटनेपर उपचार : केलेके छिलकेमें विशेष गुण पाए जाते हैं । केलेका छिलका ‘एंटी इंफ्लेमेटरी’ गुणसे समृद्ध होता है, जो कीटके काटनेपर होनेवाले कष्ट और सूजनसे हो रहे कष्टको न्यूनतम कर सकता है ।
* बढाता है रोग प्रतिरोधक क्षमता : रोग और संक्रमणसे सुरक्षित रखनेके लिए प्रतिरोधक क्षमताका शक्तिशाली रहना बहुत आवश्यक होता है । यदि प्रतिरोधक क्षमता निर्बल है, तो सामान्य शारीरिक समस्या भी विचलित कर सकती है । इससे घबरानेकी आवश्यकता नहीं है; क्योंकि केला ‘कैरोटिनॉइड’से पूर्ण होता है, जो ‘विटामिन-A’का मुख्य स्रोत होता है । ‘विटामिन-A’ ‘इम्यून सिस्टम’को सशक्त बनानेमें सहायक हो सकता है । रोग प्रतिरोधक क्षमताके विकासके लिए अल्पाहारमें (नाश्तेमें) केला खा सकते हैं ।
* गर्भावस्थाके मध्य मितली आना : गर्भवती महिलाओंके लिए यह एक साधारण समस्या है, जिससे लगभग ८५ प्रतिशत गर्भवती महिलाएं प्रभावित होती हैं । इसका प्रभाव पूरे दिवस रह सकता है । इस समस्यामें महिलाएं वमन (उल्टी) और मितलीको झेलती रहती हैं । इस समस्याकी चिन्तासे मुक्ति दिलानेमें यहां केला अच्छी भूमिका निभा सकता है । केला ‘विटामिन-B6’ और ‘मैग्नीशियम’से समृद्ध होता है, जो इस कष्टमें रक्षात्मक कार्य कर सकता है ।
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